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किसानों की नियमित आमदनी हो, इसके लिए लड़ेंगे : राकेश टिकैत
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 18 May 2016 01:50 AM IST
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सारनाथ स्थित विद्या आश्रम में मंगलवार से शुरू हुए शिविर को संबोधित करते भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत।
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भारतीय किसान यूनियन का दो दिवसीय राष्ट्रीय शिविर सारनाथ स्थित विद्या आश्रम से मंगलवार को शुरू हुआ। शिविर में यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों के हक के लिए अंतिम सांस तक लड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याएं हर हाल में दूर कराना ही संगठन का लक्ष्य है। शिविर में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई, साथ ही उनके निदान पर भी विचार किया गया।
शिविर में महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी तक हम लोग किसानों की उपज की लागत और मिल रही कीमत की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इससे हटकर किसानों की आमदनी नियमित और निर्धारित हो, इसके लिए लड़ना होगा। ताकि किसानों को अपने परिवार के भरण-पोषण में कोई समस्या न हो। किसानों को अगर उनके परिश्रम का उचित मूल्य ही नहीं मिलेगा तो उन्हें समानता का अधिकार कैसे प्राप्त होगा। दूसरों का पेट भरने वाले किसान आज भी उपेक्षा के चलते दोयम दर्जे की जिंदगी जीने को विवश हैं। उन्हें मिलने वाले तमाम तरह के अनुदानों का लाभ बिचौलिए और निजी कंपनियां उठा रही हैं। यह सिलसिला बंद होना चाहिए और किसानों को उनका वाजिब हक मिलना चाहिए। यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा ने भी किसानों से अपने हक के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
अध्यक्षता करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि अक्तूबर माह में किसान कारीगर महापंचायत राजघाट में आयोजित की जाएगी। हर किसान की एक निश्चित आमदनी सुनिश्चित हो इसके लिए आंदोलन चलाया जाएगा। शिविर में बदायूं, महोबा, झांसी, रायबरेली, मैनपुरी, श्रावस्ती, फर्रूखाबाद, जौनपुर, आजमगढ़ सहित अन्य जिलों से पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान लक्ष्मण प्रसाद मौर्य, दिलीप कुमार, प्रेमलता सिंह, सुनील सहस्त्रबुद्धे, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन घनश्याम वर्मा ने किया।
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शिविर में महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी तक हम लोग किसानों की उपज की लागत और मिल रही कीमत की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इससे हटकर किसानों की आमदनी नियमित और निर्धारित हो, इसके लिए लड़ना होगा। ताकि किसानों को अपने परिवार के भरण-पोषण में कोई समस्या न हो। किसानों को अगर उनके परिश्रम का उचित मूल्य ही नहीं मिलेगा तो उन्हें समानता का अधिकार कैसे प्राप्त होगा। दूसरों का पेट भरने वाले किसान आज भी उपेक्षा के चलते दोयम दर्जे की जिंदगी जीने को विवश हैं। उन्हें मिलने वाले तमाम तरह के अनुदानों का लाभ बिचौलिए और निजी कंपनियां उठा रही हैं। यह सिलसिला बंद होना चाहिए और किसानों को उनका वाजिब हक मिलना चाहिए। यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा ने भी किसानों से अपने हक के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
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अध्यक्षता करते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि अक्तूबर माह में किसान कारीगर महापंचायत राजघाट में आयोजित की जाएगी। हर किसान की एक निश्चित आमदनी सुनिश्चित हो इसके लिए आंदोलन चलाया जाएगा। शिविर में बदायूं, महोबा, झांसी, रायबरेली, मैनपुरी, श्रावस्ती, फर्रूखाबाद, जौनपुर, आजमगढ़ सहित अन्य जिलों से पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान लक्ष्मण प्रसाद मौर्य, दिलीप कुमार, प्रेमलता सिंह, सुनील सहस्त्रबुद्धे, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन घनश्याम वर्मा ने किया।
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