फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   The digitization of ancient knowledge traditions and manuscripts is essential.

Varanasi News: प्राचीन ज्ञान परंपरा और पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण जरूरी

Mon, 19 Jan 2026 02:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 02:17 AM IST
विज्ञापन
The digitization of ancient knowledge traditions and manuscripts is essential.
बीएचयू के पत्रकारिता विभाग में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी मे वक्ताओं ने सोशल मीडिया के दौर पर पत्रकारिता विषय पर अपनी बात रखी। समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि तमिलनाडु से आए कोविलुर स्वामी ने कहा कि प्राचीन ज्ञान परंपरा और पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण जरूरी है। सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता और जनसंचार के बदलते रुझान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मीडिया, तकनीक, नैतिकता, एल्गोरिदम और व्यावसायिक दबावों पर चर्चा हुई।
विज्ञापन

संत कोविलूर स्वामी ने कहा कि आज मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हावी है, जो सूचना तो देता है लेकिन इसे शुद्ध पत्रकारिता नहीं माना जा सकता। उन्होंने चेताया कि गलत सूचनाओं से घिरा समाज भविष्य में मीडिया युद्ध का साक्षी बन सकता है। शिक्षाविद कुलपति प्रो. केवी नागराज ने कहा कि मीडिया और सत्ता के बीच हमेशा से शक्ति-संबंध रहा है। यदि तकनीक का सावधानीपूर्वक उपयोग नहीं किया गया तो यह सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकती है। मुख्य वक्ता प्रो. सुरभि दहिया (मीडिया बिजनेस स्टडीज, आईआईएमसी) ने कहा कि वर्तमान दौर में मैनेजमेंट और पत्रकारिता के बीच गहरा तालमेल अनिवार्य हो गया है। विशिष्ट अतिथि काशी विश्वनाथ धाम के सीईओ विश्वभूषण मिश्र ने पत्रकारिता के आदर्शों पर चर्चा करते हुए कहा कि हनुमान जी भगवान राम के कार्यों को एक कुशल पत्रकार की तरह संपादित और संप्रेषित करते थे। एक पत्रकार को आत्म-मूल्यांकन के साथ कार्य करना चाहिए और आज की पत्रकारिता को सत्य, यश और आजीविका-तीनों के बीच संतुलन बनाना होगा। प्रोफेसर ओपी सिंह ने कहा कि भारत विश्व का भरण-पोषण करने में सक्षम है। समापन समारोह मे शोधार्थियों को शोध प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ज्ञान प्रकाश मिश्र ने सोशल मीडिया के सकारात्मक-नकारात्मक प्रभावों पर बोलते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन और स्वागत अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन सचिव डॉ बाला लखेंद्र ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed