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Varanasi News: पूंजीवादी संस्कृति को दर्शाती है ''''ज्ञानगढ़ की लड़ाई''''
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फोटो-
बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय के समता भवन में मंगलवार को आलोचक प्रो. गोपेश्वर सिंह ने कवि एवं कथाकार प्रो. बलराज पांडेय द्वारा लिखित ज्ञानगढ़ की लड़ाई पुस्तक का लोकार्पण किया। कहा कि यह पुस्तक कथा रस से परिपूर्ण है। अकादमिक दुनिया के सच का जीवंत दस्तावेज है। संकाय प्रमुख प्रो. बिंदा परांजपे ने कहा कि इस पुस्तक की कहानियों को पढ़ने के बाद पाठक विचार करने के लिए प्रेरित होंगे। वरिष्ठ आलोचक प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि यह कहानियां स्वाधीन भारत में शिक्षा पर पूंजीवादी संस्कृति की ओर इशारा करती हैं। संचालन डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. बलराज पाण्डेय ने किया। इस मौके पर डॉ. संजय विक्रम सिंह, प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी, प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी, प्रो. सदानंद शाही, प्रो. श्रद्धा सिंह आदि रहे। संवाद
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बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय के समता भवन में मंगलवार को आलोचक प्रो. गोपेश्वर सिंह ने कवि एवं कथाकार प्रो. बलराज पांडेय द्वारा लिखित ज्ञानगढ़ की लड़ाई पुस्तक का लोकार्पण किया। कहा कि यह पुस्तक कथा रस से परिपूर्ण है। अकादमिक दुनिया के सच का जीवंत दस्तावेज है। संकाय प्रमुख प्रो. बिंदा परांजपे ने कहा कि इस पुस्तक की कहानियों को पढ़ने के बाद पाठक विचार करने के लिए प्रेरित होंगे। वरिष्ठ आलोचक प्रो. अवधेश प्रधान ने कहा कि यह कहानियां स्वाधीन भारत में शिक्षा पर पूंजीवादी संस्कृति की ओर इशारा करती हैं। संचालन डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. बलराज पाण्डेय ने किया। इस मौके पर डॉ. संजय विक्रम सिंह, प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी, प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी, प्रो. सदानंद शाही, प्रो. श्रद्धा सिंह आदि रहे। संवाद