{"_id":"6106f7bf8523095e3c7ecca4","slug":"tgt-biology-examination-paper-solver-gang-busted-in-varanasi-stf-raid-in-rani-murarka-balika-inter-college-but-solver-escape","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टीजीटी जीव विज्ञान परीक्षाः वाराणसी के रानी मुरारका बालिका इंटर कॉलेज में भी सॉल्वर ने दी थी परीक्षा, तलाश में जुटी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीजीटी जीव विज्ञान परीक्षाः वाराणसी के रानी मुरारका बालिका इंटर कॉलेज में भी सॉल्वर ने दी थी परीक्षा, तलाश में जुटी पुलिस
Mon, 02 Aug 2021 01:06 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 02 Aug 2021 01:06 AM IST
सार
एसटीएफ प्रयागराज और वाराणसी यूनिट की पूछताछ में आरोपी अशोक पाल ने बताया कि रानी मुरारका बालिका इंटर कालेज स्थित केंद्र में अभ्यर्थी आशीष पाल ने सॉल्वर के लिए डॉ. बृजेश पाल से संपर्क किया था और प्रयागराज से ही सॉल्वर बुलाया गया था।
विज्ञापन
सॉल्वर गैंग का सरगना सहित तीन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टीजीटी जीव विज्ञान परीक्षा में शनिवार को एसटीएफ प्रयागराज यूनिट ने वाराणसी में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना सहित तीन को दबोचा। एसटीएफ की टीम यूपी कॉलेज स्थित रानी मुरारका बालिका इंटर कॉलेज स्थित केंद्र पर भी पहुंची थी। हालांकि पहुंचने से पहले अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल के स्थान पर बैठा सॉल्वर पेपर हल करने के बाद निकल गया था।
विज्ञापन
एसटीएफ की गिरफ्त में आए सरगना अशोक पाल ने पूछताछ में यह जानकारी दी। अभ्यर्थी आशीष कुमार पाल और गिरोह के मास्टरमाइंड जौनपुर के रामपुर निवासी डॉ. बृजेश कुमार पाल, जौनपुर के बरसठी मानिकापुर निवासी संदीप विश्वकर्मा और मछलीशहर तरसावा निवासी रमेश पाल की तलाश में एसटीएफ और कोतवाली पुलिस लगी हुई है।
विज्ञापन
एसटीएफ प्रयागराज और वाराणसी यूनिट की पूछताछ में आरोपी अशोक पाल ने बताया कि रानी मुरारका बालिका इंटर कालेज स्थित केंद्र में अभ्यर्थी आशीष पाल ने सॉल्वर के लिए डॉ. बृजेश पाल से संपर्क किया था और प्रयागराज से ही सॉल्वर बुलाया गया था। मूलरूप से जौनपुर के बरसठी और प्रयागराज के कर्नलगंज बघाड़ा में किराये पर रहने वाले अशोक पाल और डॉ. बृजेश पाल ने नकल कराने की योजना प्रयागराज में ही बनाई थी।
विज्ञापन
इंटरनेट कॉलिंग और व्हाट्सएप चैट से होती थी बात
एसटीएफ द्वारा जुटाई गई जानकारियों के अनुसार, इस गिरोह सात से आठ सदस्य थे। नकल कराकर पास कराने का जब भी ठेका मिलता है तो गिरोह के सदस्य एक दूसरे से मोबाइल पर बात नहीं करते थे। सिर्फ इंटरनेट कॉल, व्हाट्सएप कॉल व चैट का ही सहारा लिया जाता है। टीजीटी परीक्षा केस में भी सभी काम व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हुआ। इसमें फर्जी प्रवेश पत्र, मिक्सिंग फोटो सब व्हाट्सएप पर ही मुहैया कराया गया।