फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Teenager ran away from home two years ago social media mixed with parents

माता-पिता से नाराज होकर दो वर्ष पूर्व घर से भाग गया था किशोर, सोशल मीडिया ने मिलाया तो भर आईं आंखें

Sat, 26 Jun 2021 08:21 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 26 Jun 2021 08:21 PM IST
सार

  • नेपाल के एक छोटे से कस्बे देवदहा का रहने वाले किशोर के माता और पिता के बीच तलाक हो गया था और दोनों ने दूसरी शादी कर ली थी। किशोर मां के साथ रहता था, लेकिन सौतेले पिता की प्रताड़ना से आजिज आकर वह दो वर्ष पूर्व घर से निकल गया।
  • मां की याद आई और मार्च महीने में एक दिन वह नेपाल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में भूख लगने पर वह बनारस में ही उतर गया। यहां चाइल्ड लाइन सहायता केंद्र ने धूपछांव खुला आश्रम संस्था में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया। फेसबुक की मदद से मां मिल गई।

विज्ञापन
Teenager ran away from home two years ago social media mixed with parents
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अपने माता-पिता से नाराज होकर दो साल पहले नेपाल से भागे किशोर को सोशल मीडिया की मदद से उनके परिवार से मिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। नेपाल के एक छोटे से कस्बे देवदहा का रहने वाले किशोर के माता और पिता के बीच तलाक हो गया था और दोनों ने दूसरी शादी कर ली थी। किशोर मां के साथ रहता था, लेकिन सौतेले पिता की प्रताड़ना से आजिज आकर वह दो वर्ष पूर्व घर से निकल गया और सोनौली होते हुए फरीदाबाद चला गया।
विज्ञापन


यहां उसने एक होटल में काम किया। 14 वर्ष से लेकर 16 वर्ष की उम्र तक उसने वहीं पर काम किया। फिर उसे अपने मां की याद आई और मार्च महीने में एक दिन वह नेपाल के लिए निकल पड़ा। रास्ते में भूख लगने पर वह बनारस में ही उतर गया। यहां चाइल्ड लाइन सहायता केंद्र के लोगों की उस किशोर पर नजर पड़ी तो उस किशोर को धूपछांव खुला आश्रम संस्था में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया।
विज्ञापन


बाद में सात अप्रैल को किशोर को रामनगर स्थित राजकीय बाल सुधार गृह में लाया गया। किशोर के नेपाल स्थित बताए गए पते पर जब संपर्क किया गया तो पता चला कि परिजनों ने पता बदल दिया है। जिससे उनका पता नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद संस्था के अधीक्षक अशोक कुमार ने फेसबुक की मदद ली यह ट्रिक काम कर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधीक्षक अशोक कुमार की फेसबुक मेसेंजर के जरिये एक दिन उसकी मां सपना से बात हुई। इसके बाद किशोर की उसकी मां से बात कराई गई। फोन पर बेटा और मां दोनों भावुक हो गए और रोने लगे। जिसके बाद से ही किशोर को उसके घर नेपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शनिवार को नेपाली दूतावास के आदेश के बाद प्रवासी नेपाली मित्र मंच संस्था के पदाधिकारी किशोर को उसकी मां से मिलाने के लिए नेपाल रवाना हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed