खुदकुशी: प्रेम प्रसंग में नर्सिंग होम के कंपाउंडर ने विषाक्त पदार्थ खाकर दी जान, ड्यूटी के दौरान ही बिगड़ी थी तबीयत
वाराणसी के गोपपुर गांव निवासी नर्सिंगहोम के कंपाउंडर राहुल राजभर (18) ने विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस के मुताबिक प्रेम प्रसंग के चलते युवक ने ऐसा कदम उठाया।
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वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में एक युवक ने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस के मुताबिक प्रेम प्रसंग के चलते युवक ने ऐसा कदम उठाया। देर रात में ही तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गोपपुर निवासी दूधनाथ राजभर का पुत्र राहुल राजभर 18 वर्ष चमरहा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में कंपाउंडर था। दो भाईयों में सबसे छोटा राहुल रात में खाना खाने के बाद नर्सिंग होम में नाइट ड्यूटी पर पहुंचा। कुछ देर बाद ही उसकी हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल में ही भर्ती किया गया।
देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि किसी बात से नाराज होकर राहुल घर से निकला था। प्रेम प्रसंग की भी बात सामने आ रही है। राहुल की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
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तालाब किनारे बोरे में मिला नवजात का शव
वाराणसी के शिवपुर क्षेत्र के कानूडीह स्थित पुराने पोखरे में रविवार सुबह बोरे में नवजात का शव मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पुलिस के मुताबिक शव देखने के दौरान संभावना जताई गई कि दो दिन पहले फेंका गया।
गांव के कुछ युवक पोखरे में मछली पकड़ने के लिए जाल डाल रहे थे कि एक बोरे में नग्न अवस्था में नवजात का शव देख सन्न रह गए। युवकों की सूचना पर जुटे ग्रामीणों में किसी ने शिवपुर थाने की पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के अनुसार किसी ने लोक लाज के भय से नवजात को यहां फेंक दिया, शव देखने से मालूम चला कि दो दिन पहले ही फेंका गया था।
रिटायर्ड डीएसपी सहित तीन पर धोखाधड़ी का मुकदमा
कार्यदायी संस्था का साढ़े पांच लाख मूल्य का सामान जबरन हड़प लेने और जान से मारने की धमकी देने मामले में पुलिस ने कोईराजपुर निवासी रिटायर्ड डीएसपी सहित परिवार के तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है।
सड़क निर्माण कार्यदायी संस्था के प्रबंधक एमसी सुरेश ने कोर्ट में आवेदन देकर आरोप लगाया कि कोईराजपुर निवासी रमेश सिंह ने कंपनी का फर्नीचर, जनरेटर आदि सामानों पर जबरन कब्जा कर लिया है। रमेश सिंह के मकान में कंपनी का कार्यालय था।
आरोप लगाया कि जब कंपनी ने इनके मकान से कार्यालय बदला तो रमेश सिंह और घर की अन्य दो महिलाओं ने साढ़े पांच लाख मूल्य के सामान पर कब्जा जमा लिया। पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर बड़ागांव थाने में शनिवार को मुकदमा दर्ज हुआ।