Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Study Blended learning top choice digital notes rank last studying via mobile second preference

अध्ययन: ब्लेंडेड लर्निंग पहली पसंद, डिजिटल नोट्स को आखिरी वरीयता; मोबाइल से पढ़ाई करना दूसरी प्राथमिकता

Sat, 07 Nov 2026 12:35 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 07 Nov 2026 12:35 PM IST
सार

बीएचयू के एक अध्ययन में सामने आया है कि स्नातक (यूजी) के छात्रों की पढ़ाई के लिए ब्लेंडेड लर्निंग पहली पसंद है। मोबाइल के माध्यम से पढ़ाई करना उनकी दूसरी प्राथमिकता है, जबकि डिजिटल नोट्स को छात्रों ने सबसे कम वरीयता दी है। अध्ययन में छात्रों के बदलते शैक्षणिक रुझान और डिजिटल माध्यमों के प्रति उनकी पसंद का आकलन किया गया।

विज्ञापन
Study Blended learning top choice digital notes rank last studying via mobile second preference
बीएचयू कैंपस में जाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू के छात्र-छात्राओं को ब्लेंडेड लर्निंग काफी पसंद आ रही है। यानी कि ऑनलाइन और कक्षा में ऑफलाइन आमने-सामने बैठकर पढ़ाई करना ज्यादा सुविधाजनक लग रहा है। किसी वजह से छात्र कक्षा में उपस्थित न हो पाए तो भी लेक्चर नहीं छूटेगा। 

विज्ञापन


यूजी के विद्यार्थियों ने मोबाइल से पढ़ने तो पीजी वालों ने फ्लिप्ड लर्निंग को दूसरी प्राथमिकता दी। यानी कि विद्यार्थी पहले घर पर डिजिटल माध्यम से पूरा सिलेबस पढ़ते  हैं, उसके बाद कक्षा में उस पर चर्चा और व्यावहारिक गतिविधियां करते हैं। यूजी के छात्रों ने इस फ्लिप्ड लर्निंग को तीसरी वरीयता दी। 

विज्ञापन
Trending Videos

इसके बाद यूजी वालों ने ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग को चौथी और एसिंक्रोनस लर्निंग को पांचवीं प्राथमिकता दी। एसिंक्रोनस का अर्थ है कि अपनी सुविधानुसार किसी भी समय रिकॉर्डेड लेक्चर और डिजिटल अध्ययन सामग्री से पढ़ाई की जाए। पीजी के छात्रों ने ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग को तीसरी, मोबाइल लर्निंग को चौथी और एसिंक्रोनस लर्निंग को पांचवीं वरीयता दी है। 

बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में अध्ययन में खुलासा हुआ है। बताया गया है कि पढ़ाई के पांच विकल्पों पर छात्रों ने अपनी वरीयता सेट की। अध्ययन से पता चलता है कि विद्यार्थी ई-लर्निंग की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहे हैं। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान से सुमन रॉय, सैकत माजी, श्रुति मिश्रा और अभिषेक कुमार की ओर से किया गया रिसर्च इंडियन जर्नल ऑफ एक्सटेंशन एजुकेशन में प्रकाशित हो चुका है। 

शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 132 स्नातक और परास्नातक छात्रों पर पांच मानकों पर सर्वे किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने ई-लर्निंग के पांच प्लेटफॉर्म को वरीयता दी। छात्रों की उपलब्धता और पहुंच, लागत, संवाद-सहभागिता, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी की उपलब्धता और शैक्षणिक गुणवत्ता के आधार पर अध्ययन किया गया।

विज्ञापन

तकनीकी सुविधाओं से बढ़ी निर्भरता
ई-लर्निंग पर बढ़ती निर्भरता के पीछे दो बड़ी वजहें ऑनलाइन शिक्षा के लिए तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता और एकेडमिक क्वालिटी यानी कि पढ़ाई की गुणवत्ता रही। इसके बाद पहुंच, तालमेल और लागत का स्थान रहा। विश्वविद्यालयों को डिजिटल शिक्षा का ऐसा ढांचा तैयार करने में मदद मिल सकती है, जो विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों और सीखने की क्षमता के अनुरूप हो।

विज्ञापन

दो तकनीक को मिलाकर किया गया विश्लेषण
विश्लेषण के लिए दो तकनीक को मिलाकर अध्ययन किया गया। इसमें एक एनालिटिकल हाईरारिकी प्रोसेस (एएचपी) और दूसरी टेक्निक फॉर ऑर्डर प्रिफरेंस बाई सिमिलैरिटी टू आईडियल सॉल्यूशन (टॉप एसआईएस) तकनीक थी। एएचपी तकनीक का इस्तेमाल विशेषज्ञों की राय और टॉप एसआईएस के माध्यम से विद्यार्थियों के वास्तविक अनुभव और मूल्यांकन को जांचकर ई-लर्निंग के विकल्पों की रैंकिंग तैयार की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed