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Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में बिचौलिए पर कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठे छात्र
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फोटो
बीएचयू अस्पताल में बिचौलिए पर कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठे छात्र
20 फरवरी को अस्पताल के सीटीवीएस विभाग से छात्रों ने रंगे हाथ पकड़ा था
चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई न करने, निजी कंपनी को जांच देने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में 20 फरवरी 2023 को सीटीवीएस डिपार्टमेंट से एक बिचौलिए को पकड़ने के बाद कार्रवाई न होने पर छात्रों ने शनिवार को सिंह द्वार पर धरना दिया। चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई न करने, निजी कंपनी को जांच की जिम्मेदारी देने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रॉक्टर डाॅ. धीरेंद्र राय ने छात्रों से ज्ञापन लेकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्र माने।
छात्रों का कहना था कि बिचौलिए को रंगेहाथ पकड़ा गया था। लंका थाना और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की थी। अस्पताल में सीसीआई लैब में होने वाली जांच की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दे दी गई। आरोप लगाया कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रतीक चिह्न में विश्वविद्यालय के मूल प्रतीक चिह्न की जगह कमल का फूल दर्शाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही परिसर से दो निर्दोष छात्रों को जबरदस्ती थाने ले जाने और मारपीट का भी छात्रों ने विरोध किया। मांग है कि परिसर में पुलिस का प्रवेश प्रतिबंधित हो। चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। शोध छात्र रंजीत माधव, अभिनव पांडेय, अजीत यादव, निर्भय यादव, सागर चौबे, रोहित राणा, शशि और ऋषभ यादव मौजूद रहे।
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बीएचयू अस्पताल में बिचौलिए पर कार्रवाई न होने पर धरने पर बैठे छात्र
20 फरवरी को अस्पताल के सीटीवीएस विभाग से छात्रों ने रंगे हाथ पकड़ा था
चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई न करने, निजी कंपनी को जांच देने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में 20 फरवरी 2023 को सीटीवीएस डिपार्टमेंट से एक बिचौलिए को पकड़ने के बाद कार्रवाई न होने पर छात्रों ने शनिवार को सिंह द्वार पर धरना दिया। चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई न करने, निजी कंपनी को जांच की जिम्मेदारी देने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रॉक्टर डाॅ. धीरेंद्र राय ने छात्रों से ज्ञापन लेकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्र माने।
छात्रों का कहना था कि बिचौलिए को रंगेहाथ पकड़ा गया था। लंका थाना और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की थी। अस्पताल में सीसीआई लैब में होने वाली जांच की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दे दी गई। आरोप लगाया कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रतीक चिह्न में विश्वविद्यालय के मूल प्रतीक चिह्न की जगह कमल का फूल दर्शाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही परिसर से दो निर्दोष छात्रों को जबरदस्ती थाने ले जाने और मारपीट का भी छात्रों ने विरोध किया। मांग है कि परिसर में पुलिस का प्रवेश प्रतिबंधित हो। चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे। शोध छात्र रंजीत माधव, अभिनव पांडेय, अजीत यादव, निर्भय यादव, सागर चौबे, रोहित राणा, शशि और ऋषभ यादव मौजूद रहे।
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