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एक और छात्र बीमार, अनशन बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Mon, 02 Feb 2015 02:17 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर निर्वाचन संबंधी शिकायत का निस्तारण न होने के कारण तीन दिन से चल रहे अनशन में रविवार को एक और छात्र बीमार हो गया। बावजूद इसके न तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो उनकी मांग पर कोई फैसला लिया और न ही बीमार छात्रों के स्वास्थ्य की जांच कराई। कुछ शिक्षकों ने छात्रों को मनाने का प्रयास किया लेकिन वह लिखित आदेश पर अड़े रहे। वहीं, बीएचयू और विद्यापीठ के छात्रनेताओं ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के दूसरे नंबर पर प्र्रत्याशी रहे पंकज कुमार पांडेय समेत पांच छात्र शुक्रवार से केंद्रीय कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन पर बैठे हैं। शनिवार को पंकज पांडेय और लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की तबीयत बिगड़ गई थी वहीं रविवार को विनीत कुमार शुक्ल भी बीमार हो गया। शाम को छह बजे कुछ संकायाध्यक्षों ने छात्रों से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया लेकिन छात्र लिखित आदेश की मांग पर अड़े रहे। सुबह बीएचयू से भूपेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, पतंजलि पांडेय और काशी विद्यापीठ से रविभान सिंह, आयुषी श्रीमाली, यशवंत प्रताप सिंह आदि ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्वविद्यालय इकाई के मंत्री मनीष कुमार मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल की जाएगी।
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छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के दूसरे नंबर पर प्र्रत्याशी रहे पंकज कुमार पांडेय समेत पांच छात्र शुक्रवार से केंद्रीय कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन पर बैठे हैं। शनिवार को पंकज पांडेय और लक्ष्मीकांत त्रिपाठी की तबीयत बिगड़ गई थी वहीं रविवार को विनीत कुमार शुक्ल भी बीमार हो गया। शाम को छह बजे कुछ संकायाध्यक्षों ने छात्रों से अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया लेकिन छात्र लिखित आदेश की मांग पर अड़े रहे। सुबह बीएचयू से भूपेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, पतंजलि पांडेय और काशी विद्यापीठ से रविभान सिंह, आयुषी श्रीमाली, यशवंत प्रताप सिंह आदि ने अनशन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्वविद्यालय इकाई के मंत्री मनीष कुमार मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल की जाएगी।
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