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तीन पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष समेत कई पर केस

Thu, 02 Mar 2017 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 02 Mar 2017 02:03 AM IST
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 Student President, including three former case
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को प्रशासनिक भवन के कुलपति कक्ष में कुलसचिव प्रभाष द्विवेदी के साथ मारपीट मामले में चेतगंज पुलिस ने पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गिरिजानंद चौबे, जितेंद्रधर द्विवेदी और एक अन्य पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष समेत कई अज्ञात छात्रनेताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई कुलसचिव की तहरीर पर की गई है। उधर, कुलसचिव बुधवार को दफ्तर में नहीं बैठे, तीन मार्च तक अवकाश पर चले गए हैं। विश्वविद्यालय का माहौल अगले दिन भी गरमाया रहा। प्रशासनिक भवन पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
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विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में छात्रनेताओं ने धांधली की बात कही थी। इस पर मंगलवार को कुलपति कक्ष में उनका कुलसचिव से विवाद हो गया। इसके बाद मारपीट की घटना हुई थी। दोनों पक्ष ने कुलपति को पत्र देकर एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। अनुमति के बाद दोनों पक्षों के शिकायती पत्रों को चीफ प्राक्टर लालजी मिश्र ने चेतगंज थाने भेज दिया है। बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज  में सारी घ्‍ाटना कैद है। उधर कुलसचिव का आरोप है कि छात्रनेताओं ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी थी। इससे डीएम, डीआईजी, एसएसपी से अवगत करा दिया गया है। बताया कि शासन को बताया जा चुका है कि कुछ शिक्षक नियुक्ति रोकना चाहते हैं। उनके कहने पर ही छात्रनेताओं ने मारपीट की। अंकपत्र, प्रमाणपत्र सत्यापन में गड़बड़ी की एसआईटी जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से भी घटना को अंजाम दिया गया है। इसकी भी जानकारी एसआईटी और शासन को दी जा चुकी है।

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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन की शिकायत अध्यापक परिषद के अध्यक्ष प्रो. व्यास मिश्र ने कुलपति से की है। पत्र में कहा है कि कार्यालयी व्यवस्था के तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर सभी पदों के लिए एक साथ विज्ञापन का सुझाव था, बावजूद इसके प्रोफेसर, एसो. प्रोफेसर का विज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर से अलग किया गया। प्रो. मिश्र ने आईक्यूएसी के पुनर्गठन, कुलसचिव द्वारा अवकाश पर रहते साक्षात्कार पत्र जारी करने, मंगलवार की घटना पर शिक्षकों पर आरोप लगाने आदि मामले की भी जांच की मांग की है।

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