Varanasi News: CHC पर नसबंदी...महिलाओं को जमीन पर लिटाया, परिजनों ने जताई आपत्ति; CMO ने कही ये बात
Varanasi News: सीएचसी पर नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटाने के मामले में सीएमओ ने अधीक्षक को तलब किया है। आशाओं ने इस पर अपना विरोध भी दर्ज कराया। वहीं, परिजनों ने भी नाराजगी व्यक्त की है।
विस्तार
कड़ाके की ठंड में मरीजों को सेहत के प्रति सावधानी बरतने की सलाह तो डॉक्टरों की ओर से दी जा रही है लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का कितना ख्याल रखा जा रहा है, उसकी एक झलक शुक्रवार को देखने को मिली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मिसिरपुर में महिलाओं की नसबंदी कर उनको जमीन पर लिटा दिया गया। परिजनों ने इसकी शिकायत आशाओं से की तो आशाओं ने भी सीएचसी अधीक्षक के पास जाकर विरोध जताया।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिला और पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं। इसमें नसबंदी करवाने वाली महिलाओं, पुरुषों और उनको लेकर आने वाली आशाओं को भी प्रोत्साहन राशि भी दी जाती हैं। सीएचसी मिसिरपुर पर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर बाद करीब तीन बजे तक 29 महिलाओं की नसबंदी की गई।
इसके बाद महिलाओं को जैसे तैसे जमीन पर लिटा दिया गया। ठंड के इस मौसम में महिलाओं को बेड तक नहीं मिला। पहले तो परिजन कुछ समझ नहीं पाए, बाद में जब वहां मौजूद स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों से जानकारी ली तो पता चला कि बेड नही हैं। जो आशाएं महिलाओं को लेकर आई थी, परिजनों ने उनसे आपत्ति जताई तो आशाएं अधीक्षक के पास पहुंची और नाराजगी जताई।
परिजनों में नाराजगी
परिजनों के अनुसार, अधीक्षक ने बेड न होने की वजह से ही जमीन पर लिटाने की बात कही। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डॉ. रामबली सिंह ने पहले तो इस तरह की कोई बात न होने की जानकारी दी, फिर जब फोटो होने की बात सामने आई तो नसबंदी की प्रक्रिया बताते हुए महिलाओं के जमीन पर लिटाए जाने की बात स्वीकारी।
सीएचसी पर महिलाओं को जमीन पर लिटाना बहुत गंभीर मामला है। 30 बेड वाली सीएचसी पर अगर बेड नहीं था तो अधीक्षक को इसकी वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। ऐसा न करना घोर लापरवाही है। मामले में अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न आने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.संदीप चौधरी, सीएमओ