प्रदेश सरकार के मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल के बिगड़े बोल, कहा-किसान अपनी दुर्दशा के लिए खुद जिम्मेदार
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चंदौली जिले के प्रभारी तथा प्रदेश सरकार में उर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल ने सोमवार को नवीन मंडी स्थित धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यहां चार में से सिर्फ एक क्रय केंद्र चालू होने पर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी लगाई। इसी बीच उन्होंने वहां मौजूद किसानों को नसीहत देते हुए दुर्दशा के लिए खुद किसानों को जिम्मेदार ठहरा दिया।
मंत्री का यह व्यवहार किसानों को नागवार लगा। ऐसे में मौके पर मौजूद भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह पप्पू ने मंत्री के व्यवहार का विरोध किया। ऐसे में दोनों लोगों में काफी देर तक तीखी बहस हुई। बाद में अन्य नेताओं ने दोनों को शांत करा दिया।
मुख्यालय स्थित नवीन मंडी समिति परिसर में किसानों का धान क्रय करने के लिए चार केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को मंडी समिति पहुंचे प्रभारी मंत्री को केवल खाद्य विपणन विभाग का क्रय केंद्र चालू मिला। जबकि यूपी एग्रो, एफसीआई और कर्मचारी कल्याण निगम का क्रय केंद्र बंद रहा। इस पर प्रभारी मंत्री ने मौके पर मौजूद डीएम नवनीत सिंह चहल से नाराजगी जताई।
वहीं डिप्टी आरएमओ अनूप श्रीवास्तव को तत्काल केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। वहीं मौके पर पहुंचे किसानों ने प्रभारी मंत्री से धान खरीद बहाल कराने की मांग की। इस पर प्रभारी मंत्री किसानों को नसीहत देने लगे। व्यापारी को धान बेचने के बाद अपनी खतौनी दे दे रहे हैं। जिसके बाद उसे किसी प्रकार क्रय केंद्रों पर दर्ज करा दिया जा रहा है।
फिलहाल क्रय केंद्रों को सुचारु रुप से चलाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष का कहना है कि उदय प्रताप सिंह का कहना है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाए उन्हें नसीहत दी जा रही है, जबकि मंडी में चार की जगह एक ही क्रय केंद्र चालू है। इस दौरान सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, एसपी हेमंत कुटियाल, विधायक साधना सिंह, एमएलसी केदारनाथ सिंह, जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, राणा प्रताप सिंह, सूर्यमुनि तिवारी, राजेश सिंह, ओपी सिंह मौजूद रहे।
मंत्री के व्यवहार से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन
लोगों ने चेतावनी दी कि 28 जनवरी तक जिले के सभी क्रय केंद्र सुचारु रुप से संचालित नहीं होंगे तो किसान 29 जनवरी से नवीन मंडी के गेट पर धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं दूसरी ओर प्रभारी मंत्री द्वारा नवीन मंडी में किसानों की समस्या नहीं सुनने से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि मंत्री ने अधिकारियों को फटकारने के बजाय किसानों को नसीहत देकर चले गए।
किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम को बताया कि नवीन मंडी में चार क्रय केंद्र होने के बाद भी धान खरीद ठप है। लगभग एक हजार कुंतल से अधिक धान मंडी में रखा गया है, लेकिन क्रय केंद्र पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है। ऐसे में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि यही हालत जिले के अन्य क्रय केंद्रों पर है, जबकि अधिकारियों की ओर से 60 फीसदी से अधिक किसानों का धान क्रय करने का दावा किया जा रहा है।
दूसरी ओर नवीन मंडी में किसानों ने आरोप लगाया कि निरीक्षण करने पहुंचे प्रभारी मंत्री रमाशंकर पटेल ने महज खानापूर्ति करने आए थे। किसानों ने उन्ह अपनी परेशानियों से अवगत कराना चाहा तो वह नसीहत देने लगे। आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। प्रतिनिधि मंडल में वीरेंद्र प्रताप सिंह, जयकुमार सिंह, आनंद प्रकाश रंजन, विनय कुमार सिंह, यशवंत सिंह, कृपा सिंह, आशुतोष यादव, कपिलदेव सिंह, छांगुर सिंह, सुरेंद्रनाथ सिंह, बृजेश त्रिपाठी, शिवाजी सिंह, संजय सिंह, लल्लन सिंह, हरिहर सिंह आदि मौजूद रहे।