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लड़खड़ाते रहे कदम, थकतीं रहीं निगाहें, पर डिगे नहीं इरादे

Tue, 08 Mar 2022 01:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 01:44 AM IST
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Staggering steps, tired eyes, but no intentions
लड़खड़ाते कदम, कांपता शरीर और थकीं आंखें, लेकिन लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेने का जोश ऐसा कि युवा भी उनके आगे फेल हो जाए। सातवें और आखिरी चरण के चुनाव में लगभग हर मतदान केंद्रों पर ऐसे कई नजारे देखने को मिले। बुजुर्ग हो या दिव्यांग मतदाता, जब ये पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंचे तो लाइन में खड़े लोगों ने रास्ता छोड़ दिया।
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गेट पर व्हील चेयर छोड़ वोट देने पहुंचा दिव्यांग
शिवपुर विधानसभा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय फुलवरिया में एक दिव्यांग मतदाता करन पटेल अपना वोट डालने व्हील चेयर से पहुंचा। व्हील चेयर को बाहर छोड़ वह बड़ी मुश्किल से बूथ के अंदर तक गया और फिर वोट डाला। बताया कि सरकार चाहे किसी की हो बस विकास और रोजगार पर ध्यान दें।
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परिवार संग पहुंचीं 75 साल की किरनलता
प्राथमिक विद्यालय गणेशपुर में 75 वर्षीय महिला किरनलता सिंह परिवार के सदस्यों के साथ सुबह दस बजे ही घर से निक ल पड़ीं। यहां आने के बाद पहले हाथों को सैनिटाइज किया, फिर ग्लब्स पहनकर अंदर मतदान करने गईं। बताया कि हर बार परिवार के साथ वोट देने आते हैं।
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अस्वस्थ बाबू लाल भी पहुंचे
86 वर्षीय बाबू लाल मोतियाबिंद और ग्लूकोमा से पीड़ित हैं। अस्वस्थ होने के बाद भी बेटे डॉ. सुनील श्रीवास्तव के साथ नरिया स्थित बीएनएस इंग्लिश स्कूल में बने बूथ पर मतदान करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वोट डालने जरूरत जाते हैं क्योंकि लोकतंत्र में एक एक वोट का महत्व है।
छड़ी लेकर बेटे संग पहुंचे बद्री
हनुमान पोद्दार अंध विद्यालय में 93 वर्षीय बद्री प्रसाद अपने बेटे के साथ मतदान कें द्र पर पहुंचे थे। हाथों में छड़ी लिए बद्री लाइन में लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे। बताया कि देश के विकास के लिए मैंने अपना योगदान दे दिया है। जो लोग घर में हैं, उन्हें भी हिस्सा लेना चाहिए।
बेटी संग स्वर्णलता ने किया मतदान
प्राथमिक विद्यालय दुर्गाकुंड में 95 वर्षीय स्वर्णलता मल्होत्रा अपनी बेटी के साथ लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होने आई थी। पहले इनके हाथों पर सैनिटाइज कराया गया। स्वयंसेवकों ने व्हीलचेहर देने की बात कहीं, लेकिन स्वर्णलता में उत्साह इतना था कि उन्होंने बिना व्हीलचेयर के बूथ पर जाकर मतदान किया।
लकवा पीड़ित हाजी साह ने भी डाला वोट
बीएनएस स्कूल नरिया में 84 वर्षीय हाजी साह मुहम्मद अंसारी सुबह ही अपने बेटे के साथ मतदान केंद्र पहुंचे थे। लकवा से ग्रसित हाजी ने कहा कि पिछले कई साल से मताधिकार का प्रयोग कर रहा हूं। सभी को अपनी भागीदारी देनी चाहिए।
ट्राइसाइकिल से पहुंचे मतदान करने
सेवापुरी विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय बेनीपुर में अपना वोट डालने ट्राई साइकिल से आए राजेश कुमार उत्साहित थे। कहा कि मतदान हमारा फर्ज है, इसे निभाने में अवस्था को मजबूरी नहीं मानता। वोट डालने के बाद राजेश ने स्याही लगी अंगुली की फोटो भी ली।

फूल रही थी सांसे, नहीं छोड़ी आस
महमूरगंज निवासी कविता चंदानी अस्वस्थ हैं। उनकी सांसे फूल रही थीं और माथे पर पसीना भी आ रहा था। फिर भी उन्होंने अपना वोट डाला। कविता ने बताया कि हर बार अपने मताधिकार का प्रयोग करती हूं। विकास के मुद्दे पर मतदान किया।
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