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खेल प्रशिक्षक की नियुक्ति तो हो गई, उपकरण और साधन का पता नहीं
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सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में छह खेलों के लिए छह अंशकालिक खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति तो हुई लेकिन कई खेलों के खेल उपकरण और साधन का कुछ अता पता ही नहीं। जिसमें रोइंग और कैनोइंग एंड कैकिंग ख्ेाल ऐसे हैं जिनके अभ्यास के लिए उपकरण ही नहीं। ऐसे में इस खेल में कोई खिलाड़ी प्रवेश लेगा तो उसे सिर्फ फिजिकल प्रशिक्षण ही मिलेगा।
सिगरा स्टेडियम के पूर्व अंशकालिक प्रशिक्षक ने रोइंग खेल में उपयुक्त हाने वाले उपकरणों की खरीद के लिए वर्ष 2019 में 20 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। जिसमें फाइबर की नाव और अभ्यास के लिए ग्राउंड में इस्तेमाल होने वाली मशीन मुख्य थी। लेकिन आज तक कोई उपकरण ही नहीं खरीदा गया। जिसके अभाव में खिलाड़ी सिर्फ फिजिकल फिटनेस के सहारे ही रोइंग की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते रहे। जिसमें जिले के दो खिलाड़ी प्रदीप पाल और आलोक शर्मा साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) सेंटर के लिए चयनित हुए।
इसी प्रकार कैनोइंग एंड कैकिंग के लिए 2017 में तत्कालीन खेल राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने एक प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जिसमें गंगा में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए कैनोइंग एंड कैकिंग खेल शामिल करने का प्रस्ताव था। जो बाद में स्टेडियम की सूची में शामिल तो हुआ लेकिन इसके लिए कभी न तो प्रशिक्षक की नियुक्त हुई और न ही इसमें किसी खिलाड़ी का प्रवेश हुआ। चार साल बाद जब प्रशिक्षक की नियुक्ति हुई तो कोई खेल उपकरण ही नहीं है। क्रीड़ा अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि अभी फिलहाल कोई उपकरण नहीं है। जब प्रशिक्षक आएंगे प्रस्ताव देंगे तो उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।
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सिगरा स्टेडियम के पूर्व अंशकालिक प्रशिक्षक ने रोइंग खेल में उपयुक्त हाने वाले उपकरणों की खरीद के लिए वर्ष 2019 में 20 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। जिसमें फाइबर की नाव और अभ्यास के लिए ग्राउंड में इस्तेमाल होने वाली मशीन मुख्य थी। लेकिन आज तक कोई उपकरण ही नहीं खरीदा गया। जिसके अभाव में खिलाड़ी सिर्फ फिजिकल फिटनेस के सहारे ही रोइंग की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते रहे। जिसमें जिले के दो खिलाड़ी प्रदीप पाल और आलोक शर्मा साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) सेंटर के लिए चयनित हुए।
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इसी प्रकार कैनोइंग एंड कैकिंग के लिए 2017 में तत्कालीन खेल राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने एक प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जिसमें गंगा में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए कैनोइंग एंड कैकिंग खेल शामिल करने का प्रस्ताव था। जो बाद में स्टेडियम की सूची में शामिल तो हुआ लेकिन इसके लिए कभी न तो प्रशिक्षक की नियुक्त हुई और न ही इसमें किसी खिलाड़ी का प्रवेश हुआ। चार साल बाद जब प्रशिक्षक की नियुक्ति हुई तो कोई खेल उपकरण ही नहीं है। क्रीड़ा अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि अभी फिलहाल कोई उपकरण नहीं है। जब प्रशिक्षक आएंगे प्रस्ताव देंगे तो उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।
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