लोकसभा चुनाव 2019 : भाजपा को तगड़ी चुनौती देगा गठबंधन, 2014 में सपा-बसपा को मिले थे ज्यादा मत
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चुनाव में मतों का गणित बहुत मायने रखता है। 2014 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को देखा जाए, तो पूर्वांचल के 10 जिलों की बारह में से नौ लोकसभा सीटों पर सपा और बसपा के प्रत्याशियों को मिले मत भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रत्याशी से ज्यादा थे।
सिर्फ बनारस, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज लोकसभा सीटें ही ऐसी थीं, जहां भाजपा और उसके सहयोगी दलों के प्रत्याशी को सपा-बसपा प्रत्याशियों से ज्यादा मत मिले थे। इस बार सपा और बसपा गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे हैं तो यह तय माना जा रहा है कि भाजपा को तगड़ी चुनौती मिलेगी।
2014 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 5,81,022 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 45,291 और बसपा प्रत्याशी को 60,579 मत मिले थे। चंदौली में भाजपा के डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय को 4,14,135 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,04,145 और बसपा प्रत्याशी को 2,57,379 मत मिले थे।
गाजीपुर में भाजपा के मनोज सिन्हा को 3,06,929 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,74,477 और बसपा प्रत्याशी को 2,41,645 मत मिले थे। जौनपुर में भाजपा के कृष्ण प्रताप केपी को 3,67,149 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 1,80,003 और बसपा प्रत्याशी को 2,20,839 मत मिले थे।
मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल को बसपा ने दी थी टक्कर
जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट से भाजपा के रामचरित्र निषाद को 4,38,210 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 1,91,387 और बसपा प्रत्याशी को 2,66,055 मत मिले थे। मिर्जापुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा समर्थित अपना दल की अनुप्रिया पटेल को 4,36,536 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 1,08,859 और बसपा प्रत्याशी को 2,17,457 मत मिले थे।
भदोही में भाजपा के वीरेंद्र सिंह को 4,03,695 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,38,712 और बसपा प्रत्याशी को 2,45,554 मत मिले थे। सोनभद्र जिले की राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट पर भाजपा के छोटेलाल को 3,78,211 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 1,35,966 और बसपा प्रत्याशी को 1,87,725 मत मिले थे।
मुलायम सिंह के आगे टिक नहीं पाई थी भाजपा
आजमगढ़ लोकसभा सीट से भाजपा के रमाकांत यादव को 2,77,102 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी मुलायम सिंह यादव को 3,40,306 और बसपा प्रत्याशी को 2,66,528 मत मिले थे। आजमगढ़ जिले के लालगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की नीलम सोनकर को 3,24,016 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,60,930 मत और बसपा प्रत्याशी को 2,33,971 मत मिले थे।
मऊ जिले की घोसी लोकसभा से भाजपा के हरिनारायण राजभर को 3,79,797 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 1,65,887 और बसपा प्रत्याशी को 2,33,782 मत मिले थे। बलिया से भाजपा के भरत सिंह को 3,59,758 मत मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,20,324 और बसपा प्रत्याशी को 1,41,684 मत मिले थे।
अब शिवपाल साथ नहीं, राजा भैया की राह अलग
2014 के लोकसभा चुनाव में शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के साथ थे, लेकिन 2017 के प्रदेश के विधानसभा के चुनाव के बाद शिवपाल ने अलग राह चुन ली और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नाम से नया दल बनाया।
वहीं, पूर्वांचल में सपा के साथी रहे कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के नाम से नया दल बनाया है और प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। शिवपाल और राजा भैया के नए दल सपा के मतों में कितनी सेंध लगाते हैं, चुनाव परिणाम के बाद यह भी देखने लायक बात होगी।