सोनभद्र नरसंहार : पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर गांव और कोर्ट में किए सुरक्षा के इंतजाम, ये थी वजह
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सोनभद्र नरसंहार के बाद एक बार फिर से सोमवार को गांव और कोर्ट छावनी में तब्दील हो गए थे। हर तरफ यही चर्चा थी कि एक बार फिर से गांव में कुछ होने वाला है। बाद में पता चला कि सोनभद्र नरसंहार में पकड़े गए पांच अन्य आरोपियों को पुलिस विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी के न्यायालय में पेश करने आई है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मुख्य आरोपित यज्ञ दत्त सहित पांच आरोपितों को रिमांड पर लेने के लिए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी के न्यायालय में पेश किया गया। लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से पुलिस रिमांड नहीं मिल सकी। इसलिए सभी को फिर से जिला कारागार भेज दिया गया।
वहीं, पुलिस की निगरानी में उभ्भा कांड के मृतकों का त्रयोदशा संस्कार (तेरहवीं) एवं मृत्युभोज प्राथमिक विद्यालय उभ्भा के परिसर में सोमवार को हुआ। सभी दस मृतकों के परिजनों ने सामूहिक रूप से तेरहवां संस्कार किया।
सभी कर्मकांड गोंड़ समाज के पुरोहित लक्ष्मण गोंड़ के नेतृत्व में पुरोहितों के दल ने विधि विधान व लोक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया। इस अवसर पर सामूहिक रूप से मृत्युभोज का आयोजन किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम रखे।
बता दें कि 17 जुलाई को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त अपने समर्थकों के साथ लाठी डंडे और बंदूक से आदिवासियों पर हमला कर दिया था।
जिसमें दस लोगों की मौत हो गई थी। और 28 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 50 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है।