{"_id":"5fdfa6ca8ebc3e3c5457acc4","slug":"smart-city-varanasi-news-vns564576725","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए साल में मिल सकती है रोपवे को सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए साल में मिल सकती है रोपवे को सौगात
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। जाम की समस्या से जूझ रही आध्यात्मिक नगरी वाराणसी को नए साल में रोपवे की सौगात मिल सकती है। सबकुछ ठीक रहा तो कैंट से गौदोलिया के बीच के पायलट प्रोजेक्ट को फरवरी में हरी झंडी मिल जाएगी। करीब सात किलोमीटर लंबे रोपवे में तीन स्टापेज भी बनाने की योजना है। आस्ट्रियन कंपनी वैपकॉस की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। शासन के निर्णय के बाद इस कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
शहर में रोपवे के ट्रायल के लिए कैंट से गोदौलिया के बीच ट्रायल लाइन का प्रस्ताव दिया गया है। कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत वाराणसी में मेट्रो और रोपवे संचालन की योजना बनाई जा रही है। राइट्स ने पुराने शहर में मेट्रो संचालन पर थोड़ी अड़चन बताई थी। हालांकि इसके लिए विकल्प की तलाश की जा रही है। रोपवे संचालन के लिए सर्वे करने वाली वैपकॉस ने पहला रूट शिवपुर से कचहरी, सिगरा, रथयात्रा होते हुए लंका, दूसरा कचहरी से लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया होते हुए लंका और तीसरा रूट लहरतारा से नरिया होते हुए बीएचयू तक है। ऐसे में मेट्रो और रोपवे को लेकर अंतिम निर्णय पर जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जाना है। हालांकि पुराने शहर में रोपवे को मुफीद माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के ट्रायल का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें बताया गया कि सबसे ज्यादा पर्यटक कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं और गोदौलिया की ओर जाते हैं। ऐसे में सड़कों पर दबाव कम होगा। ट्रायल के दौरान इस परियोजना की सफलता का आंकलन किया जाएगा।
मेट्रो से आधी से कम कीमत की परियोजना
शहर में रोपवे परियोजना मेट्रो से आधी से भी कम कीमत पर पूरी होगी। करीब सात किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो दौड़ाने में एक हजार करोड़ रुपये के खर्च होने का अनुमान है। जबकि रोपवे परियोजना के लिए 424 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है। सर्वे के अनुसार प्रतिदिन कैंट से गोदौलिया के बीच 70 हजार से ज्यादा यात्री सफर करेंगे। हालांकि रोपवे के भविष्य की सफलता को लेकर शासन स्तर पर उहापोह है।
विज्ञापन
शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर विकल्प दिया गया है। शासन की टीम इस पर अध्ययन कर रही है और उसके बाद कुछ निर्णय संभव है।-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
विज्ञापन
शहर में रोपवे के ट्रायल के लिए कैंट से गोदौलिया के बीच ट्रायल लाइन का प्रस्ताव दिया गया है। कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत वाराणसी में मेट्रो और रोपवे संचालन की योजना बनाई जा रही है। राइट्स ने पुराने शहर में मेट्रो संचालन पर थोड़ी अड़चन बताई थी। हालांकि इसके लिए विकल्प की तलाश की जा रही है। रोपवे संचालन के लिए सर्वे करने वाली वैपकॉस ने पहला रूट शिवपुर से कचहरी, सिगरा, रथयात्रा होते हुए लंका, दूसरा कचहरी से लहुराबीर, मैदागिन, गोदौलिया होते हुए लंका और तीसरा रूट लहरतारा से नरिया होते हुए बीएचयू तक है। ऐसे में मेट्रो और रोपवे को लेकर अंतिम निर्णय पर जल्द ही केंद्र सरकार की ओर से निर्णय लिया जाना है। हालांकि पुराने शहर में रोपवे को मुफीद माना जा रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के ट्रायल का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें बताया गया कि सबसे ज्यादा पर्यटक कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं और गोदौलिया की ओर जाते हैं। ऐसे में सड़कों पर दबाव कम होगा। ट्रायल के दौरान इस परियोजना की सफलता का आंकलन किया जाएगा।
विज्ञापन
मेट्रो से आधी से कम कीमत की परियोजना
शहर में रोपवे परियोजना मेट्रो से आधी से भी कम कीमत पर पूरी होगी। करीब सात किलोमीटर लंबे रूट पर मेट्रो दौड़ाने में एक हजार करोड़ रुपये के खर्च होने का अनुमान है। जबकि रोपवे परियोजना के लिए 424 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है। सर्वे के अनुसार प्रतिदिन कैंट से गोदौलिया के बीच 70 हजार से ज्यादा यात्री सफर करेंगे। हालांकि रोपवे के भविष्य की सफलता को लेकर शासन स्तर पर उहापोह है।
विज्ञापन
शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर विकल्प दिया गया है। शासन की टीम इस पर अध्ययन कर रही है और उसके बाद कुछ निर्णय संभव है।-कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी