श्रेया हत्याकांड: राजातालाब सहित नौ थाना प्रभारी लाइन हाजिर, दो एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले; SOG-2 फिर से गठित
श्रेया हत्याकांड के बाद वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल किया गया। राजातालाब थाना प्रभारी और चौक इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसओजी-2 का भी दोबारा गठन किया गया है। नौ थाना प्रभारियों और दो एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय होगी।
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श्रेया हत्याकांड में आरोपी विवेक चौबे की गिरफ्तारी नहीं होने और महिला अपराध में लापरवाही बरतने पर राजातालाब थाना प्रभारी दयाराम, जनसमस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने पर चौक इंस्पेक्टर दिलीप मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया गया। नौ थानों पर नए प्रभारियों को तैनात किया गया।
अनैतिक कृत्यों, जुआ, सट्टा पर लगाम के लिए एक बार फिर से एसओजी-2 का गठन किया गया। एसआई पंकज सिंह चौहान को प्रभारी बनाया गया। शनिवार रात अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने दो एसीपी के कार्यक्षेत्र भी बदल दिए। छुट्टी से लौटी एसीपी प्रज्ञा पाठक को एसीपी कैंट और एसीपी अपूर्व पांडेय को एसीपी साइबर की कमान सौंपी।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि अब वहीं थानाध्यक्ष पद पर बना रहेगा, जो उत्कृष्ट कार्य, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के तुरंत समाधान में सफल होगा। राजातालाब थाना प्रभारी दयाराम और चौक इंस्पेक्टर दिलीप मिश्रा को पुलिस लाइन, मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अजय राज वर्मा को फूलपुर थाना प्रभारी, फूलपुर इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह को गैर जनपद, चेतगंज थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को चौक थाने की कमान, लोहता थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय को मंडुवाडीह थानाध्यक्ष, रमना चौकी इंचार्ज पवन पांडेय को चेतगंज थानाध्यक्ष, मीडिया सेल प्रभारी अभिजीत सिंह को लोहता थानाध्यक्ष, रोहनिया थाने के एसआई जितेंद्र कुमार को राजातालाब थाने की कमान सौंपी गई है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाना प्रभारियों को नियमित पैदल गश्त करने और सड़क व फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
खराब यातायात व्यवस्था के लिए संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे। साथ ही लंबित विवेचना के निस्तारण, महिला अपराधों पर कठोर कार्रवाई और आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। दस वर्ष से कम और अधिक सजा वाले अपराधों की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रार्थना पत्रों पर तत्काल विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
लूट और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं का प्रभावी अनावरण करने और अपराधियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने को कहा, वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को धनराशि वापस दिलाने के लिए नए कानून के प्रावधानों का उपयोग करने पर जोर दिया।
सुरक्षा और आंतरिक प्रबंधन पर भी ध्यान
पुलिस आयुक्त ने दूसरे थाना क्षेत्रों में अपराध करने वाले अपराधियों की निगरानी और विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच पर विशेष जोर दिया। थानों में भी सीसीटीवी कैमरों को सदैव क्रियाशील रखने को कहा, प्रत्येक एफआईआर और गुमशुदगी की एसीपी स्तर पर नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।