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सात बार विधायक रहे नेता का बीजेपी ने काटा टिकट, नहीं करेंगे चुनाव प्रचार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 16 Feb 2017 08:40 PM IST
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मौर्य ने दादा से बातचीत की
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में टिकट बंटवारे के बाद बीते एक सप्ताह से दक्षिणी सीट को लेकर चल रहीं अटकलें बुधवार को खत्म हो गईं। बुधवार को इस सीट से पूर्व घोषित उम्मीदवार नीलकंठ तिवारी के सिंबल सहित नामांकन करने के साथ ही तय हो गया कि पार्टी विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा की नाराजगी को तत्काल दूर करने के पक्ष में नहीं है।
दूसरी ओर अब दादा को उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाए जाने की अटकलें शुरू हो गई हैं। उन्हें राज्यपाल मनोनीत करने और राज्यसभा में भेजने की चर्चाएं पहले भी चल चुकी हैं।
सात बार के विधायक दादा टिकट काटे जाने के बाद से नाराज हैं और उन्होंने नीलकंठ तिवारी का प्रचार करने से मना कर दिया है। दादा अब भी अपनी बात पर अडिग हैं।
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दो दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लखनऊ में मुलाकात के बाद लौैटे दादा के घर पहुंचने के साथ ही रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मुलाकात की।
इसके बाद कयासबाजी शुरू हो गई थी। सूत्रों की मानें तो जिस समय शाह ने नीलकंठ और दादा को लखनऊ बुलाया गया था, तभी फाइनल हो गया था कि नीलकंठ को सिंबल दिया जाएगा।
इसकी चर्चा नहीं करने की हिदायत दी गई थी ताकि कार्यकर्ताओं में असंतोष न पैदा हो।
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दूसरी ओर अब दादा को उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाए जाने की अटकलें शुरू हो गई हैं। उन्हें राज्यपाल मनोनीत करने और राज्यसभा में भेजने की चर्चाएं पहले भी चल चुकी हैं।
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सात बार के विधायक दादा टिकट काटे जाने के बाद से नाराज हैं और उन्होंने नीलकंठ तिवारी का प्रचार करने से मना कर दिया है। दादा अब भी अपनी बात पर अडिग हैं।
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दो दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लखनऊ में मुलाकात के बाद लौैटे दादा के घर पहुंचने के साथ ही रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने मुलाकात की।
इसके बाद कयासबाजी शुरू हो गई थी। सूत्रों की मानें तो जिस समय शाह ने नीलकंठ और दादा को लखनऊ बुलाया गया था, तभी फाइनल हो गया था कि नीलकंठ को सिंबल दिया जाएगा।
इसकी चर्चा नहीं करने की हिदायत दी गई थी ताकि कार्यकर्ताओं में असंतोष न पैदा हो।
नामांकन से पहले नीलकंठ ने लिया दादा का आर्शीवाद
नीलकंठ तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
नीलकंठ ने कहा कि पार्टी के आदेश पर बुधवार को दादा से आशीर्वाद लेने के बाद ही उन्होंने नामांकन किया है।
इस दौरान दादा ने उनसे कहा कि जनता की अदालत में पार्टी ने आपको भेजा है, अब उसी का आशीर्वाद लीजिए।
नामांकन जुलूस निकाले जाने के बाद दादा ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
नामांकन जुलूस में शामिल होना तो दूर, दादा दिन भर घर से बाहर ही नहीं निकले।
इस दौरान दादा ने उनसे कहा कि जनता की अदालत में पार्टी ने आपको भेजा है, अब उसी का आशीर्वाद लीजिए।
नामांकन जुलूस निकाले जाने के बाद दादा ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
नामांकन जुलूस में शामिल होना तो दूर, दादा दिन भर घर से बाहर ही नहीं निकले।