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मिर्जापुरः खोदाई के दौरान खेत में मिले चांदी के सात सिक्के, बंटवारे को लेकर चाचा-भतीजे में हुआ विवाद तो ग्रामीण ले भागे कुछ सिक्के
Fri, 08 May 2020 09:14 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 08 May 2020 09:14 PM IST
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मिर्जापुर के चुनार थाना क्षेत्र के बकियाबाद सोनउर में खुदाई के दौरान मिले चाँदी के सिक्के को उपजिलाधिकारी जंग बहादुर यादव को दिखाते नायब तहसीलदार नटवर सिंह ।
- फोटो : अमर उजाला।
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मिर्जापुर जिले के बकियाबाद सोनउर गांव में बृहस्पतिवार दोपहर खेत में खोदाई के दौरान मिले कुछ चांदी के सिक्के के बंटवारे को लेकर चाचा भतीजे में विवाद हो गया। इसका फायदा उठाकर कुछ ग्रामीण सिक्के लेकर भाग गए। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार को अधिकारियों की मौजूदगी में खोदाई हुई। इस दौरान चांदी के सात सिक्के मिले। इसे अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया।
गांव में मोती पाल का खेत है। वह बृहस्पतिवार को भतीजे सरोज की जेसीबी से खोदाई करा रहा था। इसी दौरान सुबह लगभग 11 बजे कुछ सिक्के मिले। जानकारी होने पर उसका भतीजा पहुंचा और उसमें अपना हिस्सा मांगने लगा। इसी को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। इसका फायदा उठाकर कुछ ग्रामीण सिक्के लेकर भाग गए।
इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार सुबह लगभग दस बजे उपजिलाधिकारी जंग बहादुर यादव और पुलिस उपाधीक्षक सुशील कुमार यादव की मौजूदगी जेसीबी से खोदाई शुरू कराई गई। इस दौरान 1862, 1877, 1878, 1872, 1900, 1904 व 1905 के कुल सात चांदी के सिक्के मिले। इसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
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मोतीलाल ने बताया कि खेत ऊंचाई पर होने के चलते पानी कुएं एवं तालाब का पानी खेत तक नही पहुंच पा रहा था। इसी कारण खोदाई हो रही थी। उधर, पुलिस सिक्के लेकर चंपत होने वाले ग्रामीणों का पता लगाने में जुटी है। उपजिलाधिकारी चुनार जंग बहादुर यादव का कहना है कि खोदाई में मिला धन सरकार का होता है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपते हुए चांदी के सातों सिक्कों को ट्रेजरी में जमा कराया जाएगा।
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गांव में मोती पाल का खेत है। वह बृहस्पतिवार को भतीजे सरोज की जेसीबी से खोदाई करा रहा था। इसी दौरान सुबह लगभग 11 बजे कुछ सिक्के मिले। जानकारी होने पर उसका भतीजा पहुंचा और उसमें अपना हिस्सा मांगने लगा। इसी को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। इसका फायदा उठाकर कुछ ग्रामीण सिक्के लेकर भाग गए।
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इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार सुबह लगभग दस बजे उपजिलाधिकारी जंग बहादुर यादव और पुलिस उपाधीक्षक सुशील कुमार यादव की मौजूदगी जेसीबी से खोदाई शुरू कराई गई। इस दौरान 1862, 1877, 1878, 1872, 1900, 1904 व 1905 के कुल सात चांदी के सिक्के मिले। इसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
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मोतीलाल ने बताया कि खेत ऊंचाई पर होने के चलते पानी कुएं एवं तालाब का पानी खेत तक नही पहुंच पा रहा था। इसी कारण खोदाई हो रही थी। उधर, पुलिस सिक्के लेकर चंपत होने वाले ग्रामीणों का पता लगाने में जुटी है। उपजिलाधिकारी चुनार जंग बहादुर यादव का कहना है कि खोदाई में मिला धन सरकार का होता है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपते हुए चांदी के सातों सिक्कों को ट्रेजरी में जमा कराया जाएगा।