{"_id":"123b3e753d19bcc3e419d5d218adcf1a","slug":"seven-degree-maximum-tempreture-down-by-cold-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 डिग्री सेंटीग्रेड लुढ़का अधिकतम तापमान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 डिग्री सेंटीग्रेड लुढ़का अधिकतम तापमान
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2015 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कोल्ड फ्रंट सक्रिय होने से पूर्वांचल गुरुवार को एक बार फिर शीतलहर की चपेट में आ गया। पहाड़ों पर बर्फबारी और पछुवा हवा के झोंको ने काशी के लोगों को एक बार फिर घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया।
विज्ञापन
दिन ढला तो गलन के साथ ही शहर पर कोहरे की चादर तन गई। गंगा के तटीय इलाकों के अलावा बीएचयू परिसर में दृश्यता लगभग शून्य हो गई। घने कोहरे के कारण सड़कों पर फर्राटा भरते वाहनों की रफ्तार भी थम गई।
विज्ञापन
गुरुवार को अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेंटीग्रेड की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार काशी में अगले दो दिनों तक इस तरह का मौसम बना रहेगा।
विज्ञापन
गुरुवार की सुबह काशी पहुंची पश्चिमी विक्षोभ की आखिरी ब्रांच के गंगा के मैदानी भागों से अगले दो दिनों में आगे बढ़ने की उम्मीद है। पछुवा हवाएं गुरुवार की सुबह सतह से सौ मीटर की ऊंचाई तक 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बहती रहीं। एक किमी ऊंचाई पर हवा की यह रफ्तार 30 से 35 किमी के बीच रही।
पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद ये हवा शीतलहर पैदा करने में मददगार बनी है। बीएचयू की मौसम परीक्षण शाला के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को शाम चार बजे शहर का अधिकतम तापमान 16.0 डिग्री रिकार्ड किया गया। जबकि बुधवार को यह 23. 3 डिग्री रिकार्ड किया गया था।
न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शाम चार बजे ही बीएचयू परिसर में दृश्यता पांच सौ मीटर से कम हो गई थी। रात नौ बजे तक गंगा के मैदानी इलाकों के अलावा शहर की सड़कों पर दृश्यता लगभग शून्य होने से राह चलना मुश्किल हो गया।
वाराणसी के अलावा चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ में कड़ाके की ठंड की वापसी हो गई है। बीएचयू की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि गलन के साथ कोहरा भी तेज हो गया है। अगले दो दिनों में कोल्ड फ्रंट के गंगा के मैदानी भाग से आगे बढ़ने के आसार हैं। इसके बाद ही लोगों को शीतलहर से राहत मिलेगी।