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हिस्ट्रीशीटर सोनू यादव हत्याकांडः अभी भी पकड़ से दूर हैं 4 आरोपी, परिजनों ने की है एनकाउंटर की मांग

Sat, 23 Mar 2024 07:28 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 23 Mar 2024 07:28 PM IST
सार

Varanasi News: लगभग चार महीने पहले रवि ने अपने साथियों के साथ सोनू के भाई राकेश की पिटाई की थी। नाथूपुर में ही देसी शराब का ठेका है और वहां रवि के पिता बलवंता की अंडा-नमकीन वगैरह की दुकान है। सोनू वहां शराब पीने जाता था। बताया जाता है कि बलवंता को अकसर सोनू अपशब्द बोलता था और उस पर हाथ भी छोड़ देता था। गुरुवार की रात भी बलवंता के साथ गालीगलौज कर सोनू ने मारपीट की थी।

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Search continues for 4 accused in History-sheeter Sonu Yadav murder case
रोते-बिलखते सोनू यादव के परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के जलालीपट्टी नई बस्ती निवासी मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर सोनू यादव (27) के पोस्टमार्टम के बाद उसका शव नाथूपुर रेलवे क्रॉसिंग (बरेका परिसर) पर रख कर परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। सभी जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और हत्या के आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाकर उनके एनकाउंटर की मांग पर अड़ गए।

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सभी आरोपियों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी और कठोर सजा दिलाने के डीसीपी वरुणा जोन एसएन सिंह के आश्वासन पर लगभग ढाई घंटे बाद रात 10 बजे लोगों ने जाम खत्म किया। उधर, हत्या के पांच नामजद आरोपियों में से दो सुनील पटेल उर्फ बाबू और अभिषेक उर्फ कल्लू के अलावा अजीत पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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हालांकि, चर्चा रही कि बाबू और कल्लू ने मंडुवाडीह थाने जाकर समर्पण किया है। मुकदमे में नामजद तीन और एक अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है। वहीं, नाथूपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रदर्शन के दौरान सोनू का भाई राकेश बेहोश हो गया था। धरना-प्रदर्शन के कारण बरेका कर्मियों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के जलालीपट्टी नई बस्ती का रहने वाला सोनू यादव गुरुवार की रात अपने क्षेत्र में ही था। उसके घर से कुछ दूरी पर उस पर बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की तो वह भागा। इसके बाद सोनू को घेर कर बेहद करीब से उसे तीन गोली मारी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सोनू यादव के माथे पर बीचोंबीच, बायीं आंख के नीचे और सीने में दाएं तरफ तीन गोली मारी गई थी।

प्रकरण को लेकर सोनू के भाई राकेश यादव ने मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर रवि पटेल उर्फ वीरू, उसके पिता बलवंता पटेल, भाई सुनील पटेल उर्फ बाबू, आनंद पटेल उर्फ गोलू व अभिषेक उर्फ कल्लू और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है।

सीने में दाएं तरफ लगी गोली पहुंच गई थी बायीं तरफ

सोनू यादव के सीने में दायीं तरफ लगी गोली किसी हड्डी से टकरा कर बायीं तरफ पहुंच गई थी। इसलिए पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को सीने में लगी गोली मिल ही नहीं रही थी। ऐसे में सोनू का शव शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस से मंडलीय अस्पताल में एक्सरे के लिए ले जाया गया। एक्सरे से पता लगा कि गोली कहां है, फिर उसे निकाला गया। इसके चलते सोनू के पोस्टमार्टम में काफी विलंब हुआ।

हिस्ट्रीशीटर ने पिता की पिटाई का बदला लेने के लिए ली जान
सोनू की हत्या का आरोपी मंडुवाडीह थाने का ही हिस्ट्रीशीटर रवि पटेल उर्फ वीरू और उसके साथ का ही है। पुलिस के अनुसार, 14 आपराधिक मुकदमों का आरोपी रवि पटेल जेल आता-जाता रहता है। मछली का व्यापार करने वाला रवि और दूध का व्यापारी रहा सोनू पहले एक-दूसरे के करीबी दोस्त थे, लेकिन बाद में दोनों की राह अलग हो गई।

लगभग चार महीने पहले रवि ने अपने साथियों के साथ सोनू के भाई राकेश की पिटाई की थी। नाथूपुर में ही देसी शराब का ठेका है और वहां रवि के पिता बलवंता की अंडा-नमकीन वगैरह की दुकान है। सोनू वहां शराब पीने जाता था। बताया जाता है कि बलवंता को अकसर सोनू अपशब्द बोलता था और उस पर हाथ भी छोड़ देता था। गुरुवार की रात भी बलवंता के साथ गालीगलौज कर सोनू ने मारपीट की थी।

नाथूपुर के दो शराब ठेके कराए गए बंद
नाथूपुर स्थित देसी और अंग्रेजी शराब का ठेका पुलिस ने शुक्रवार की रात बंद करा दिया। शव रख कर प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि सारे फसाद की जड़ देसी शराब का ठेका ही है। इसलिए पुलिस ने एहतियातन दोनों ठेके बंद करा दिए।

हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी न होने से हुई वारदात
हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। बीट आरक्षी, इलाकाई दरोगा और थानाध्यक्ष को उनकी गतिविधि की पूरी जानकारी होनी चाहिए। सोनू यादव और रवि पटेल उर्फ वीरू की निगरानी के मामले में मंडुवाडीह थाने की पुलिस से चूक हुई। नतीजतन, दोनों के आपसी टकराव ने इतना तूल पकड़ गया कि सोनू की हत्या हो गई।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि मड़ौली चैकी इंचार्ज और मंडुवाडीह थानाध्यक्ष की लापरवाही से सोनू की हत्या हुई है। वहीं, पुलिस की अनदेखी और लापरवाही का ही यह नतीजा है कि मौजूदा समय में कमिश्नरेट के तीन जोन के 1508 हिस्ट्रीशीटर ऐसे हैं, जो कहां हैं यह किसी को पता नहीं है।

बोले अधिकारी
हत्या के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। अपराध से अर्जित उनकी संपत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की जाएगी। - सरवनन टी., एडीसीपी वरुणा जोन

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