Gyanvapi: ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वे जारी, एएसआई ने रिपोर्ट दाखिल करने को मांगी चार सप्ताह की मोहलत
Gyanvapi Mosque ASI Survey: जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने ज्ञानवापी की मौजूदा संरचना को नुकसान पहुंचाए बगैर एएसआई को सर्वे का आदेश देकर चार अगस्त तक रिपोर्ट देने को कहा था। शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए एएसआई के अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने शुक्रवार को जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत से ज्ञानवापी परिसर के सर्वे और उसकी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है। एएसआई की तरफ से भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव अदालत में पेश हुए और समय दिए जाने का अनुरोध किया। अदालत ने आदेश के लिए पत्रावली सुरक्षित कर ली है। शनिवार को आदेश सुनाया जाएगा। जिला जज की अदालत ने ही ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था। साथ ही चार अगस्त तक सर्वे रिपोर्ट तलब की थी।
स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट की रोक के कारण तीन अगस्त तक सर्वे का काम नहीं हो सका है। इस कारण जिला जज की अदालत में सर्वे रिपोर्ट दाखिल नहीं की जा सकी। अब हाईकोर्ट ने सर्वे का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
शुक्रवार से दोबारा सर्वे शुरू किया गया है। ऐसे में चार सप्ताह का समय और दिया जाए। वहीं, हिंदू पक्ष की वादिनी महिलाओं की तरफ से अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी व सुभाषनंदन चतुर्वेदी ने सर्वे रिपोर्ट के लिए 15 दिन का समय मांगा है। अदालत ने पत्रावली को आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया है। साथ ही कहा है कि शनिवार को आदेश सुनाया जाएगा।
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सहयोग नहीं कर रही मसाजिद कमेटी
सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने आरोप लगाया कि मसाजिद कमेटी की तरफ से सर्वे में सहयोग नहीं किया जा रहा है। चाबी नहीं दी जा रही है। इस पर अदालत ने कहा कि जो समस्या होगी, उस संदर्भ में जांच एजेंसी अवगत कराएगी। वहीं, मसाजिद कमेटी की ओर से कहा गया कि जांच एजेंसी ने अभी तक उन्हें सर्वे के बाबत सूचित नहीं किया। जांच करने की फीस भी नहीं जमा की गई।
10 दिन रुका रहा सर्वे का काम
एएसआई की 43 सदस्यीय टीम ने 24 जुलाई की सुबह सात बजे से ज्ञानवापी में लगभग साढ़े पांच घंटे तक सर्वे किया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे सर्वे पर रोक लगाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई तो काम रोक दिया गया। उस दिन से अब तक 10 दिन सुप्रीम कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में सर्वे का काम रुका रहा। अब शुक्रवार सुबह से सर्वे शुरू हुआ है।