वाराणसी में स्कूल शिक्षक ने की खुदकुशी: सुसाइड नोट लिख दे दी जान, कार में खुद को बंद कर कनपटी पर मारी गोली
जयपुरिया स्कूल के शिक्षक अमित कुमार पाठक (40) ने लाइसेंस असलहे से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। अमित के इस खौफनाक कदम का कारण घरेलू कलह माना जा रहा है।
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वाराणसी में रविवार दोपहर एक स्कूल शिक्षक ने कनपटी पर गोली मार कर खुदकुशी कर ली। लंका थाना क्षेत्र के सीर गोवर्धनपुर स्थित काशीपुरम कॉलोनी में जयपुरिया स्कूल के शिक्षक अमित कुमार पाठक (40) ने लाइसेंस असलहे से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।
पुलिस के अनुसार परिवारिक कलह में अमित ने यह खौफनाक कदम उठाया। खुदकुशी से पहले अमित ने अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार के मोबाइल पर सुसाइड नोट भी भेजा है। फिलहाल पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि जयपुरिया स्कूल में शिक्षक अमित इधर कुछ दिनों से अवसाद में थे।
रविवार सुबह बाजार जाने के लिए ऑल्टो कार से निकले थे। वहीं सीर गोवर्धनपुर के काशीपुरम कॉलोनी के पास कार के अंदर गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने डायल-112 पर सूचना दी। लंका इंस्पेक्टर वेद प्रकाश राय ने बताया कि खुदकुशी प्रकरण की जांच की जा रही है। घरेलू कलह में अमित ने जान दी है।
पत्नी ने दी थी पुलिस को सूचना
घटना के संबंध में बताया जा मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के कंदवा इलाके में रहने वाले अमित ने पत्नी वंदना पाठक और लंका छितुपुर के हरिओम नगर में रहने वाले ससुर उदय नारायण पांडेय को लिफाफा बंद सुसाइड नोट पकड़ाया। इसके बाद कार लेकर निकल गया। सुसाइड नोट पढ़ कर वंदना ने आननफानन पुलिस को सूचना दी।
इधर, सुसाइड की बात सुनकर अमित के साले डॉक्टर सत्य प्रकाश पांडेय और ससुर ने उसकी कार के पीछे लग गए। अचानक से अमित कार लेकर काशीपुरम कॉलोनी में घुस गया। कार को खाली पड़े प्लॉट के सामने खड़ी कर लाइसेंसी असलहे से कनपटी में गोली मार ली।
पास में ही खेल रहे बच्चों ने गोली की आवाज सुनी तो वो दौड़ कर पहुंचे। कार के अंदर का नजारा देख शोर मचाने लगे। मौके पर जुटे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। अमित की पत्नी शिक्षिका है। उसका बेटा 12वीं का छात्र है।
साले ने रोकने की कोशिश की तो तान दी पिस्टल
अमित पाठक के आत्महत्या के बाद मौके पर पहुंचे डॉक्टर सत्यप्रकाश पांडेय ने बताया की दोपहर तीन बजे उनके बहनोई यानि अमित घर पहुंचे। इसके बाद घर में बैठे पिता उदय नारायण पांडेय को लिफाफा बंद सुसाइड नोट थमा कर जाने लगा। इस दौरान सत्यप्रकाश ने उसे रोकने की कोशिश की तो अमित ने उनके ऊपर पिस्टल तान दी।