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Varanasi News: बीएचयू विज्ञान समागम में स्कूली छात्रों ने सुनी चंद्रयान-3 की कहानी
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वाराणसी। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में चल रहे तीन दिवसीय विज्ञान समागम ‘प्रज्ञान 2026’ के दूसरे दिन शनिवार को कक्षा 6 से 12 तक के स्कूली छात्रों को चंद्रयान की कहानी सुनाई गई। वाराणसी और आसपास के जिलों से आए छात्रों ने चंद्रयान-3 की रोमांचक यात्रा के बारे में जानकारी ली। दूसरे दिन रोबोटिक्स, एयरोमॉडलिंग, ड्रोन साइंस वर्कशॉप और लाइव साइंस शो जैसे कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रज्ञान के दूसरे दिन अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के निदेशक और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अनिल भारद्वाज ने छात्रों को चंद्रमा की सतह तक ले जाकर चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण और ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग की पूरी कहानी सुनाई। आईआईटी बीएचयू के छात्र रहे प्रो. भारद्वाज ने भावी मिशनों चंद्रयान-4, 5, 6 और 7 के साथ ही मंगल ऑर्बिटर मिशन, आगामी मंगल अभियान और वीनस ऑर्बिटल मिशन के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. भारद्वाज ने छात्रों से कहा कि जो काम आपको आनंद दे, वही करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सच्ची सफलता मिलेगी।
‘द साइंस ऑफ ड्रोन: फ्रॉम क्लासरूम फिजिक्स टू रियल-वर्ल्ड फ्लाइट’ वर्कशॉप में सर्वेश मिश्रा ने छात्रों को न्यूटन के तीसरे नियम, टॉर्क, पिच-रोल-यॉ जैसे मूल सिद्धांत समझाए। इसके बाद ड्रोन की असेंबली के लाइव प्रदर्शन में मोटर, प्रोपेलर, फ्लाइट कंट्रोलर जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों की जानकारी दी गई। अंत में लाइव फ्लाइट डेमो में स्थिर होवरिंग, विक्षोभ सुधार और थ्रस्ट-आधारित पेलोड कंट्रोल देखकर बच्चे हैरान रह गए। कार्यक्रम में भू विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण देव सिंह, प्रो. आर.के. सिंह, प्रो. अभय कुमार सिंह, डॉ. अवनीश सिंह, डॉ. अर्चना तिवारी, प्रो. कृपा राम और डॉ. एस. राक्षित आदि लोग मौजूद रहे।
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प्रज्ञान के दूसरे दिन अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी के निदेशक और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अनिल भारद्वाज ने छात्रों को चंद्रमा की सतह तक ले जाकर चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण और ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग की पूरी कहानी सुनाई। आईआईटी बीएचयू के छात्र रहे प्रो. भारद्वाज ने भावी मिशनों चंद्रयान-4, 5, 6 और 7 के साथ ही मंगल ऑर्बिटर मिशन, आगामी मंगल अभियान और वीनस ऑर्बिटल मिशन के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. भारद्वाज ने छात्रों से कहा कि जो काम आपको आनंद दे, वही करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सच्ची सफलता मिलेगी।
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‘द साइंस ऑफ ड्रोन: फ्रॉम क्लासरूम फिजिक्स टू रियल-वर्ल्ड फ्लाइट’ वर्कशॉप में सर्वेश मिश्रा ने छात्रों को न्यूटन के तीसरे नियम, टॉर्क, पिच-रोल-यॉ जैसे मूल सिद्धांत समझाए। इसके बाद ड्रोन की असेंबली के लाइव प्रदर्शन में मोटर, प्रोपेलर, फ्लाइट कंट्रोलर जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों की जानकारी दी गई। अंत में लाइव फ्लाइट डेमो में स्थिर होवरिंग, विक्षोभ सुधार और थ्रस्ट-आधारित पेलोड कंट्रोल देखकर बच्चे हैरान रह गए। कार्यक्रम में भू विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण देव सिंह, प्रो. आर.के. सिंह, प्रो. अभय कुमार सिंह, डॉ. अवनीश सिंह, डॉ. अर्चना तिवारी, प्रो. कृपा राम और डॉ. एस. राक्षित आदि लोग मौजूद रहे।
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