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यूपीः रूबेला-खसरा का टीका लगने से छात्रा की मौत, दाह संस्कार के लिए पिता के पास नहीं थे पैसे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:36 AM IST
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पोस्टमार्टम हाउस
- फोटो : amar ujala
यूपी के सोनभद्र में कक्षा एक की छात्रा की रूबेला-खसरा का टीका लगने से शुक्रवार की रात में मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे पिता को उसके दाह संस्कार के लिए लोगों से मदद लेनी पड़ी।
लड़की के पिता ने रूबेला-खसरा का टीका लगने से बच्ची की मौत होने की तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए ले गई। मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ ने घटना की जांच के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
अनपरा थाना क्षेत्र के मेड़दह गांव निवासी बबुआराम ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी बेटी कविता (6) को रूबेला-खसरा का टीका लगाया था। स्कूल से बेटी घर पर पहुंची तो उसके सिर में दर्द, बुखार शुरू हो गया।
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घरवालों ने सोचा कि टीका लगने से तबीयत खराब हुई है सही हो जाएगा। शुक्रवार की अलसुबह बच्ची अचेत हो गई। आनन-फानन में परिजन उसको लेकर संयुक्त अस्पताल डिबुलगंज लेकर पहुंचे।
यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद प्रभारी डॉ. वीके सिंह ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद घरवाले शव को वापस लेकर अपने घर चले गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस शव को पीएम के लिए ले गई।
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लड़की के पिता ने रूबेला-खसरा का टीका लगने से बच्ची की मौत होने की तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने शव को पीएम के लिए ले गई। मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ ने घटना की जांच के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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अनपरा थाना क्षेत्र के मेड़दह गांव निवासी बबुआराम ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने उसकी बेटी कविता (6) को रूबेला-खसरा का टीका लगाया था। स्कूल से बेटी घर पर पहुंची तो उसके सिर में दर्द, बुखार शुरू हो गया।
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घरवालों ने सोचा कि टीका लगने से तबीयत खराब हुई है सही हो जाएगा। शुक्रवार की अलसुबह बच्ची अचेत हो गई। आनन-फानन में परिजन उसको लेकर संयुक्त अस्पताल डिबुलगंज लेकर पहुंचे।
यहां प्राथमिक उपचार करने के बाद प्रभारी डॉ. वीके सिंह ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उसकी रास्ते में मौत हो गई। इसके बाद घरवाले शव को वापस लेकर अपने घर चले गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस शव को पीएम के लिए ले गई।
आर्थिक तंगी के बावजूद बेटियों को पढ़ा रहा
पिपरी सीओ राहुल मिश्रा ने कहा कि मृतका के पिता ने तहरीर देकर आशंका व्यक्त की है कि रूबेला-खसरा का टीका लगने से उसकी बच्ची की मौत हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चलेगा। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कर बिसरा प्रिजर्व कर लिया है।
सीएमओ ने डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि सूचना मिली है कि 29 नवंबर को स्कूल में कविता को रूबेला-खसरा को टीका लगा था। उसकी मौत कैसे हुई इसकी जांच के लिए एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।
बताते चलें कि बबुआराम की चार बेटी थी। पहली बेटी संगीता, दूसरी बेटी सीमा, तीसरी बेटी कविता चौथी बेटी अनिता है। इनमें से टीका लगने से कविता की मौत हो चुकी है। आर्थिक तंगी होने के बावजूद वह बेटियों को पढ़ा रहा है। कविता की मौत ने उसे झकझोर कर रख दिा है।
सीएचसी दुद्धी में पीएम होने के बाद बबुआराम को शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने के लिए भी पैसा नहीं था। इसकी जानकारी होने पर कुछ लोगों ने उसे शव लेने जाने के लिए वाहन और दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद की।
सीएमओ ने डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि सूचना मिली है कि 29 नवंबर को स्कूल में कविता को रूबेला-खसरा को टीका लगा था। उसकी मौत कैसे हुई इसकी जांच के लिए एसीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।
बताते चलें कि बबुआराम की चार बेटी थी। पहली बेटी संगीता, दूसरी बेटी सीमा, तीसरी बेटी कविता चौथी बेटी अनिता है। इनमें से टीका लगने से कविता की मौत हो चुकी है। आर्थिक तंगी होने के बावजूद वह बेटियों को पढ़ा रहा है। कविता की मौत ने उसे झकझोर कर रख दिा है।
सीएचसी दुद्धी में पीएम होने के बाद बबुआराम को शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने के लिए भी पैसा नहीं था। इसकी जानकारी होने पर कुछ लोगों ने उसे शव लेने जाने के लिए वाहन और दाह संस्कार के लिए आर्थिक मदद की।