बसंत पंचमी पर खुला स्कूल तो भड़कीं नगर पंचायत अध्यक्ष, विहिप ने जताई नराजगी
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सोनभद्र के रेणुकूट में विद्यालय प्रबंधन की मनमानी से नाराज रेणुकूट नगर पंचायत अध्यक्ष निशा सिंह गुरुवार को अचानक क्षेत्र में स्थित एक पब्लिक स्कूल में पहुंच गईं। नगर पंचायत अध्यक्ष को अचानक विद्यालय परिसर में देख अफरा-तफरी मच गई। नगर पंचायत अध्यक्ष ने सरस्वती पूजा के दिन विद्यालय में अवकाश न होने पर प्रधानाचार्य से शिकायत करते हुए विरोध जताया।
दरअसल, सरस्वती पूजा के दिन गुरुवार को जिले के विद्यालयों में अवकाश के बावजूद क्षेत्र के एक अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खुला होने पर हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों सहित नगर पंचायत अध्यक्ष निशा सिंह सुबह 10 बजे विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से मिलकर विरोध जताया।
चेतावनी दी कि इस तरह की कार्यप्रणाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा के दिन भी स्कूल खुलने से पता चलता है कि नियमों से कुछ लेना देना नहीं है। उधर, नगर पंचायत अध्यक्ष की चेतावनी से घबराई प्रधानाध्यापिका ने चेयरमैन को भविष्य में नियम विरुद्ध काम नहीं किए जाने का भरोसा दिलाया।
विहिप ने जताई नाराजगी
विश्व हिंदू परिषद सोनभद्र के विभाग मंत्री राजेश सिंह ने कहा कि हिंदू धर्म में विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का अहम स्थान है। बचपन से ही बच्चों को मां सरस्वती की पूजा और विद्या अध्ययन के लिए संस्कारित किया जाता है। आरोप लगाया कि सरस्वती पूजा के दिन भी विद्यालय खोला तो गया लेकिन बच्चों को पूजा में शामिल नहीं किया गया।
संगठन की आपत्ति के बाद सभी बच्चों को क्लास रूम से बुलाकर पूजा में शामिल किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण से राज्यसभा सांसद राम सकल को अवगत कराया है, जिस पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया।
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय राय ने पूरे प्रकरण को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाते हुए उनसे कार्रवाई का मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की प्रधानाचार्य सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने के साथ ही लोकतंत्र की आस्था से खिलवाड़ कर रही हैं। इस पूरे प्रकरण से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रधानाचार्य ने बात करने से किया इंकार
इस पूरे प्रकरण पर पत्रकारों ने जब विद्यालय की प्रधानाध्यापिका डैफनी एंगर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से इंकार करते हुए विद्यालय परिसर से बाहर जाने को कहा। प्रधानाध्यापिका के इस व्यवहार से पत्रकारों में नाराजगी है।