फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sawan 2023 auspicious coincidence is last Monday Shiva worship will get great virtue know puja vidhi

Sawan 2023: सावन के अंतिम सोमवार पर बन रहे हैं ये शुभ संयोग, शिव पूजन का मिलेगा महापुण्य, जानें व्रत का विधान

Mon, 28 Aug 2023 09:00 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 28 Aug 2023 09:00 AM IST
सार

Sawan 2023: सावन का अंतिम सोमवार कल (28 अगस्त) को है। इस दिन प्रदोष के साथ सोमवार के व्रत का भी संयोग बन रहा है। जिसके कारण इस साल सावन के अंतिम सोमवार का महत्व काफी बढ़ जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस शुभ संयोग में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। 

विज्ञापन
Sawan 2023 auspicious coincidence is last Monday Shiva worship will get great virtue know puja vidhi
बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार में दर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन में भगवान शिव की कृपा श्रद्धालुओं पर बरस रही है। 8वें सोमवार के बाद आने वाली पूर्णिमा के साथ सावन का समापन होगा। अंतिम सोमवार पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है। वहीं, प्रदोष के साथ सोमवार के व्रत का भी संयोग बन रहा है। श्री काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि 19 साल के बाद अधिमास और सावन का संयोग भक्तों के लिए कल्याणकारी है। 8 सोमवार वाले सावन का अंतिम सोमवार श्रद्धालुओं के लिए फलदायी रहेगा।

विज्ञापन


कृपा प्राप्ति के लिए भगवान शिव की आराधना किसी भी दिन की जा सकती है लेकिन श्रावण मास के सोमवार की महिमा बेहद खास है। सावन के अंतिम सोमवार को आयुष्मान योग और सौभाग्य योग निर्मित हो रहा है। इस योग में व्रत- पूजन से महादेव की विशेष कृपा श्रद्धालुओं को प्राप्त होगी। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार के व्रत के साथ ही प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है। 
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: अब आयुष्मान कार्ड बनाना और आसान, स्वास्थ्य मंत्री ने एप लॉन्च कर काशी से देशवासियों को दी सौगात

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे करें पूजा 

ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि व्रत करने वाले को प्रात:काल दैनिक कृत्यों से निवृत्त होकर अपने आराध्य की पूजा करनी चाहिए। इसके बाद दाहिने हाथ में जल, पुष्प, फल, गंध व कुश लेकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

ये भी पढ़ें: काशी विश्वनाथ का सावन श्रृंगार; अर्द्धनारीश्वर..भागीरथी श्रृंगार या फिर अमृत वर्षा, हर रूप से भक्त हुए निहाल

Sawan 2023 auspicious coincidence is last Monday Shiva worship will get great virtue know puja vidhi
भगवान शिव की पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

संपूर्ण दिन निराहार रहते हुए शाम को पुन: स्नान करके पूर्वाभिमुख या उत्तराभिमुख होकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। भगवान शिवजी का अभिषेक करके उन्हें वस्त्र, यज्ञोपवीत, आभूषण, सुगंधित द्रव्य के साथ बेलपत्र, कनेर, धतूरा, मदार, ऋतुपुष्प, नैवेद्य अर्पित करके शृंगार करना चाहिए। पंचोपचार, दशोपचार अथवा षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए।

शिव महिमा का पाठ करें

Sawan 2023 auspicious coincidence is last Monday Shiva worship will get great virtue know puja vidhi
शिव चालीसा संपूर्ण - फोटो : अमर उजाला

काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि भगवान शिवजी की महिमा में उनकी प्रसन्नता के लिए सोमवार व्रत कथा, श्री शिव चालीसा, शिव स्तुति, शिव सहस्त्रनाम, शिव अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र, शिव महिम्नस्तोत्र, शिवतांडव स्तोत्र, दारिद्रदहन शिवस्तोत्र, रुद्राष्टक, शिवपुराण और भगवान शिवजी से संबंधित मंत्रों का जप व पाठ करना चाहिए।

सावन में बम-बम हुआ बाबा विश्वनाथ का धाम

Sawan 2023 auspicious coincidence is last Monday Shiva worship will get great virtue know puja vidhi
काशी विश्वनाथ धाम में लगी कतार - फोटो : अमर उजाला

भगवान शिव के अतिप्रिय मास सावन में काशी बम-बम है। बाबा विश्वनाथ के धाम में रोजाना भक्तों का रेला आ रहा है। अब तक करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु बाबा दरबार में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर चुके हैं। सावन के अंतिम सोमवार पर भी बाबा दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक सात से आठ लाख भक्त दर्शन-पूजन कर सकते हैं। इसी तरह मार्कंडेय महादेव और शूलटंकेश्वर महादेव के दरबार में भी श्रद्धा का सैलाब उमड़ेगा।

 मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि सावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है। मंदिर की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। कांवड़ियों व भक्तों पर पहले की तरह पुष्पवर्षा की जाएगी। सावन के अंतिम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार किया जाएगा। एक लाख रुद्राक्ष के दानों से श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और शिव-पार्वती की प्रतिमा का अद्भुत स्वरूप सजेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed