{"_id":"5f57ddde8ebc3e44c33431ac","slug":"sarnath-city-news-vns5461466135","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस माह के अंत में शुरू होगा लाइट एंड साउंड सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस माह के अंत में शुरू होगा लाइट एंड साउंड सिस्टम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सारनाथ। पुरातात्विक खंडहर परिसर में अब इस माह के अंत में लाइट एंड साउंड सिस्टम का लुत्फ पर्यटक उठा सकेंगे। लगभग चार साल से चल रही इस योजना का मंगलवार की रात कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने निरीक्षण किया। इस दौरान कमिश्नर ने शो की झलक भी देखी। कुछ तकनीकी समस्याओं को दूर करने को पर्यटन अधिकारियों को निर्देशित किया।
अधिकारियों के अनुसार लाइट एंड साउंड सिस्टम से पर्यटक भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन से रूबरू हो सकेंगे। पर्यटन विभाग की 7 करोड़ 33 लाख 66 हजार की लागत से 2016 से लाइट एंड साउंड तैयार हो रहा है। बीच में कई बार इसके शुरू होने की जानकारियां पर्यटन विभाग की ओर से दी गई। यह लाइट एंड साउंड सिस्टम धमेख स्तूप के उतर दिशा के 40 फिट दूर पर प्रोजेक्टर व रील कक्ष बना है। जिसका कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर ने पुरातत्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रोजेक्टर के माध्यम से सीधे धमेख स्तूप स्मारक पर पड़ने वाले किरण से स्मारक को क्षति ना हो, इसकी सुरक्षा के लिए रासायनिक विशेषज्ञों से एक बार जांच कराएं। वही सिस्टम में आवाज में आने वाली तकनीकी समस्याओं को भी दूर करना है। निरीक्षण के दौरान पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस माह के अंत तक इसे शुरू कर लिया जाएगा। पर्यटन संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्रा, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव सहित पुरातत्व कर्मी मौजूद रहे।
विज्ञापन
अधिकारियों के अनुसार लाइट एंड साउंड सिस्टम से पर्यटक भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन से रूबरू हो सकेंगे। पर्यटन विभाग की 7 करोड़ 33 लाख 66 हजार की लागत से 2016 से लाइट एंड साउंड तैयार हो रहा है। बीच में कई बार इसके शुरू होने की जानकारियां पर्यटन विभाग की ओर से दी गई। यह लाइट एंड साउंड सिस्टम धमेख स्तूप के उतर दिशा के 40 फिट दूर पर प्रोजेक्टर व रील कक्ष बना है। जिसका कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने जायजा लिया। इस दौरान कमिश्नर ने पुरातत्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रोजेक्टर के माध्यम से सीधे धमेख स्तूप स्मारक पर पड़ने वाले किरण से स्मारक को क्षति ना हो, इसकी सुरक्षा के लिए रासायनिक विशेषज्ञों से एक बार जांच कराएं। वही सिस्टम में आवाज में आने वाली तकनीकी समस्याओं को भी दूर करना है। निरीक्षण के दौरान पर्यटन अधिकारियों ने बताया कि सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इस माह के अंत तक इसे शुरू कर लिया जाएगा। पर्यटन संयुक्त निदेशक अविनाश चंद्र मिश्रा, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव सहित पुरातत्व कर्मी मौजूद रहे।
विज्ञापन