‘वो तीन दिन’ की शूटिंग के लिए बनारस पहुंचे संजय मिश्र, कहा- जीवन का आखिरी समय काशी में ही बीते
अभिनेता संजय मिश्र का कहना है कि जीवन का आखिरी समय काशी में ही बीते। मौत आए तो मणिकर्णिका ही जाऊं। लॉकडाउन के बाद जब बनारस पहुंचा तो कोरोना का डर मन से खत्म हो गया है। मैंने साथियों से कहा कि अब कुछ नहीं होगा गुरु। वह आशुराज के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘वो तीन दिन’ की शूटिंग के लिए वाराणसी पहुंचे हैं।
दो रिक्शे और दो ग्राहकों पर आधारित फिल्म की कुछ शूटिंग मिर्जापुर में हो चुकी है। एक रिक्शेवाले की भूमिका में संजय और दूसरे अभिनेता राजेश शर्मा हैं। शूटिंग शहर के कई हिस्सों में होगी। कोरोना काल में सिनेमा के भविष्य पर कहा कि सिनेमा नहीं बदला है केवल दर्शक बदले हैं। कोरोना ने नए दर्शकों को खड़ा किया है।
हालांकि सिनेमा साथ में देखने की सभ्यता पर खतरा बढ़ा है। एक बार फिर सिंगल विंडो का जमाना लौटेगा। आने वाली फिल्मों पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्वालियर, होलीकाऊ, डेथ ऑफ संडे सहित आधा दर्जन फिल्में बनकर तैयार हैं।
वहीं, 20 अगस्त से एक फिल्म की शुरुआत करने जा रहा हूं, जो बिहार की ज्योति पासवान के संघर्षों पर आधारित है। ज्योति कोरोना काल के दौरान अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर दिल्ली से बिहार आयी थी। मैं पिता और मेरी बेटी ज्योति की भूमिका अदा करेगी।