लोकसभा चुनाव 2019: संतों ने पीएम मोदी के खिलाफ ठोकी ताल, वाराणसी में उतारे पांच उम्मीदवार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में संत समाज ने उनके खिलाफ चुनावी ताल ठोक दी है। अखिल भारतीय रामराज्य परिषद ने पीएम मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं। अखिल भारतीय रामराज्य परिषद ने पांच प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
सोमवार को वाराणसी के केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ आश्रम में प्रत्याशियों की घोषणा करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि संत संमाज से मंत्रणा के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। चार डमी प्रत्याशी के साथ एक मुख्य प्रत्याशी घोषित किया है। नामांकन 25 अप्रैल को होगा। सभी प्रत्याशी अभिजीत मुहूर्त में नामांकन करेंगे। नामांकन में पूरे भारत के साधु-संत इकट्ठा होंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहा कि चुनाव की कोई रणनीति नहीं है। यह हमारी प्रतीकात्मक लड़ाई हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने हिन्दुत्व के मुद्दे को दरकिनार कर विकास को आगे रखा। उसके अलावा उन्होंने राम मंदिर का कोई विकास नहीं किया। बस कहते रहे कि राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।
इसके अलावा उन्होंने काशी के विकास के नाम पर श्री काशी विश्वनाथ के आसपास कई प्राचीन मंदिरों को तोड़ा और कहा कि बाबा विश्वनाथ सांस नहीं ले पा रहे थे। हम लोगों ने आवाज उठाई तो हमारी भी सुनवाई नहीं हुई।
ये हैं वे पांच प्रत्याशी
अखिल भारतीय रामराज्य परिषद ने राष्ट्रीय संयोजक वेदांताचार्य श्रीभगवान को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके अलावा डमी कैंडिडेट के रूप में महाराज मणिशरण, महामंडलेश्वर स्वामी पद्मनाभशरण महाराज, नीलम दुबे और सावित्री पांडेय की घोषणा की है।
स्वामी करपात्री महाराज ने की थी पार्टी की स्थापना
अखिल भारतीय राम राज्य परिषद भारत की एक परम्परावादी हिन्दू पार्टी थी। इसकी स्थापना स्वामी करपात्री ने सन 1948 में की थी। इस दल ने सन 1952 के प्रथम लोकसभा चुनाव में 3 सीटें प्राप्त की थी। सन् 1952, 1957 और 1962 के विधानसभा चुनावों में हिन्दी क्षेत्रों मुख्यत: राजस्थान में इस दल ने दर्जनों सीटें हासिल की थी।