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सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम ने दी रिपोर्ट, बीम से तीन मीटर दूरी से गुजरेंगे सिर्फ हल्के वाहन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:19 AM IST
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सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम
- फोटो : file photo
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बनारस के चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के बाद मुंबई से जांच के लिए आई सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट की टीम ने सुझावों के साथ अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट सेतु निगम को भेज दी है। ट्रैफिक डायवर्जन और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस किया गया है।
सुझाव दिया गया है कि फ्लाईओवर कार्य क्षेत्र से किसी सूरत में भारी वाहन न गुजरने पाएं। छोटे वाहनों को भी सर्विस रोड पर बीम से कम से कम तीन मीटर की दूरी से गुजारा जाए। हालांकि सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम की फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है।
सेतु निगम के मुताबिक एक-दो दिन में फाइनल रिपोर्ट भी आ जाने की संभावना है। सेफ्टी-सिक्योरिटी से जुड़े पहलुओं पर फाइनल रिपोर्ट में जो भी सुझाव आएंगे, उन सब पर अमल किया जाएगा। काम शुरू कराने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की सुव्यवस्थित प्लानिंग बनाई जाएगी।
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गौरतलब है कि हादसे के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने मुंबई से सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट आडिट के लिए टीम बुलाई थी। टीम ने एक सप्ताह तक यहां रहकर फ्लाईओवर निर्माण और ट्रैफिक दबाव सहित विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन किया।
ड्राफ्ट रिपोर्ट में टीम ने निर्माण क्षेत्र को लोहे की बैरिकेडिंग से सील कराकर काम कराने और सर्विस रोड से किसी सूरत में भारी वाहनों के गुजरने न देने का सुझाव दिया है।
यह भी कहा है कि सर्विस रोड से सिर्फ हल्के वाहन गुजर सकते हैं, वह भी बीम से कम से कम मीटर की दूरी से। लहरतारा-कैंट-चौकाघाट मार्ग पर वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है। अब सेतु निगम और प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान को लेकर है।
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सुझाव दिया गया है कि फ्लाईओवर कार्य क्षेत्र से किसी सूरत में भारी वाहन न गुजरने पाएं। छोटे वाहनों को भी सर्विस रोड पर बीम से कम से कम तीन मीटर की दूरी से गुजारा जाए। हालांकि सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम की फाइनल रिपोर्ट आनी बाकी है।
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सेतु निगम के मुताबिक एक-दो दिन में फाइनल रिपोर्ट भी आ जाने की संभावना है। सेफ्टी-सिक्योरिटी से जुड़े पहलुओं पर फाइनल रिपोर्ट में जो भी सुझाव आएंगे, उन सब पर अमल किया जाएगा। काम शुरू कराने से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की सुव्यवस्थित प्लानिंग बनाई जाएगी।
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गौरतलब है कि हादसे के बाद सेतु निगम के अधिकारियों ने मुंबई से सेफ्टी और ट्रैफिक मैनेजमेंट आडिट के लिए टीम बुलाई थी। टीम ने एक सप्ताह तक यहां रहकर फ्लाईओवर निर्माण और ट्रैफिक दबाव सहित विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन किया।
ड्राफ्ट रिपोर्ट में टीम ने निर्माण क्षेत्र को लोहे की बैरिकेडिंग से सील कराकर काम कराने और सर्विस रोड से किसी सूरत में भारी वाहनों के गुजरने न देने का सुझाव दिया है।
यह भी कहा है कि सर्विस रोड से सिर्फ हल्के वाहन गुजर सकते हैं, वह भी बीम से कम से कम मीटर की दूरी से। लहरतारा-कैंट-चौकाघाट मार्ग पर वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है। अब सेतु निगम और प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान को लेकर है।
मंत्रालय को रिपोर्ट देने अधिकारी रवाना
बाबतपुर फोरलेन फ्लाईओवर
- फोटो : File Photo
निर्माणाधीन बाबतपुर फोरलेन फ्लाईओवर की शटरिंग और कंक्रीट गिरने के मामले की रिपोर्ट देने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी दिल्ली मंत्रालय रवाना हो गए हैं। यहां हुई घटना की रिपोर्ट और वस्तुस्थिति की जानकारी देने के बाद मंगलवार को अधिकारी बनारस लौटेंगे। इस मामले में जिला प्रशासन की भी जांच जारी है। एडीएम सिटी जांच कर अपनी रिपोर्ट हफ्ते भर में डीएम को सौंपेंगे।
उधर, एनएचएआई ने भी अपने कंसल्टेंट को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। शटरिंग गिरने की घटना के बाद निर्माण स्थल पर सेफ्टी इंजीनियर की मानीटरिंग में काम कराया जा रहा है। एहतियात के तौर पर बाकी शटरिंग के हिस्सों की मजबूती भी नए सिरे से परखी जा रही है।
पेच मुड़ने के चलते शटरिंग गिरने की जानकारी के बाद एनएचएआई ने अन्य हिस्सों में भी जरूरत के हिसाब से नए पेच लगाए जा रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि यह काम जून तक खत्म कर देंगे।
फीनिंशिंग का काम 10 जुलाई तक खत्म हो जाएगा। इसके बाद आम जनता के लिए इसे चालू किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखने के बाद ही काम शुरू कराया जा रहा है। वहां काम करने वाले इंजीनियरों को हिदायत दी गई कि हर हाल में सुरक्षा मानकों पर ध्यान दें। इसमें किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उधर, एनएचएआई ने भी अपने कंसल्टेंट को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। शटरिंग गिरने की घटना के बाद निर्माण स्थल पर सेफ्टी इंजीनियर की मानीटरिंग में काम कराया जा रहा है। एहतियात के तौर पर बाकी शटरिंग के हिस्सों की मजबूती भी नए सिरे से परखी जा रही है।
पेच मुड़ने के चलते शटरिंग गिरने की जानकारी के बाद एनएचएआई ने अन्य हिस्सों में भी जरूरत के हिसाब से नए पेच लगाए जा रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि यह काम जून तक खत्म कर देंगे।
फीनिंशिंग का काम 10 जुलाई तक खत्म हो जाएगा। इसके बाद आम जनता के लिए इसे चालू किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखने के बाद ही काम शुरू कराया जा रहा है। वहां काम करने वाले इंजीनियरों को हिदायत दी गई कि हर हाल में सुरक्षा मानकों पर ध्यान दें। इसमें किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।