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रूंगटा अपहरण कांड: मुख्तार की तरफ से दाखिल की गई लिखित बहस, वकील बोले...सुनी बात पर गवाही, कोई साक्ष्य नहीं

Sat, 02 Dec 2023 01:38 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sat, 02 Dec 2023 01:38 PM IST
सार

विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए / सिविल जज (सीनियर डिविजन) उज्ज्वल उपाध्याय की कोर्ट में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1997 की इस कथित घटना के समय लैंडलाइन फोन का जमाना था। वादी महावीर प्रसाद रूंगटा ने यह बताया ही नहीं कि अपहरण कांड में गवाही देने पर पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी किस नंबर पर दी गई थी।

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Rungta kidnapping case: Written argument filed by Mukhtar, lawyer said testimony based on hearsay, no eviden
माफिया मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

व्यवसायी नंदकिशोर रूंगटा अपहरण कांड के वादी को परिवार समेत बम से उड़ाने की धमकी के मामले में आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी की ओर से लिखित बहस दाखिल की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, आदित्य वर्मा और शाहनवाज परवेज ने कहा कि मामले के जो गवाह हैं, उन्होंने सुनी-सुनाई बात के आधार पर गवाही दी है। मौके का कोई साक्षी नहीं है। कोई साक्ष्य भी नहीं है। मामले की सुनवाई पांच दिसंबर को होगी।

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विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए / सिविल जज (सीनियर डिविजन) उज्ज्वल उपाध्याय की कोर्ट में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1997 की इस कथित घटना के समय लैंडलाइन फोन का जमाना था। वादी महावीर प्रसाद रूंगटा ने यह बताया ही नहीं कि अपहरण कांड में गवाही देने पर पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी किस नंबर पर दी गई थी। मुकदमे के विवेचक ने कॉल डिटेल भी नहीं लिया। वादी का चालक द्वारिका प्रसाद था, उसने भी घटना के प्रति अनभिज्ञता जताई। नंद किशोर रूंगटा के अपहरण का जो मुख्य मुकदमा था, उसमें मुख्तार अंसारी पहले ही बरी हो चुका है। इन दलीलों के आधार पर मुख्तार अंसारी को बरी किए जाने का कोर्ट से अनुरोध किया गया। बचाव पक्ष की दलीलों का जवाब देने के लिए अभियोजन ने कोर्ट से समय मांगा। 

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26 वर्ष पुराना मामला

व्यवसायी नंद किशोर रूंगटा के अपहरण के बाद उनके भाई महावीर प्रसाद रूंगटा ने 5 नवंबर 1997 को मुख्तार अंसारी के खिलाफ भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने मुख्तार अंसारी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पक्ष ने बहस पूरी कर ली है।

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