जापान-भारत की दोस्ती का प्रतीक है काशी का रूद्राक्ष कंवेंशन सेंटर, जानें कब पर्यटकों के लिए होगा शुरू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जापान और भारत की दोस्ती का प्रतीक रूद्राक्ष कंवेंशन सेंटर फरवरी में बनकर तैयार हो जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि मार्च में ट्रायल के तौर पर सभी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। शिवलिंग के आकार का यह सेंटर अप्रैल में पर्यटकों को समर्पित किया जाएगा। दो देशों के मामलों को देखते हुए लोकार्पण की तिथि सरकार तय करेगी। कमिश्नरी में जापान और यहां के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद कमिश्नर ने प्रेसवार्ता में बताया कि कंवेंशन सेंटर के हाल में 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा अन्य छोटे छोटे हाल होंगे।
उन्होंने बताया कि एक्जीबिशन के लिए गैलरी होगी। लॉबी, ओपेन स्पेस, लैंड स्केपिंग, पार्किंग आदि की सुविधा होगी। टूरिस्ट को ध्यान में रखकर इसमें बीच-बीच में फूड फेस्टिवल, हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। नगर निगम के पास शहर के प्राइम लोकेशन में होने के कारण इसका फायदा न केवल शहरवासियों को मिलेगा बल्कि बाहर के लोगों को भी मिलेगा। इसे तैयार करने में 182 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक सवाल के जवाब में बताया कि पंचायत चुनाव का असर लोकार्पण पर नहीं पड़ेगा। जरूरत पड़ी तो तारीख तय होने के बाद आयोग से अनुमति ली जाएगी।
सेंटर से प्रशासन को मिलेगा 37 प्रतिशत राजस्व
कमिश्नर ने कहा कि इसके रखरखाव और चलाने की जिम्मेदारी आईएसडब्ल्यूएसी कंपनी (इंडियन सैनिटेशन वार्ड ब्वाय एंड हार्टिकल्चर कांट्रैक्टर) को दिया गया है, जो पहले से टीएफसी का संचालन कर रही है। दस साल के लिए हुए टेंडर में औसतन प्रतिवर्ष 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये प्रशासन को देगी। प्रतिवर्ष औसत राजस्व 37 प्रतिशत मिलेगा। बाकी वहां के रखरखाव, बिजली, सुरक्षा आदि की व्यवस्था कंपनी करेगी। स्मार्ट सिटी, नगर निगम और प्रशासन की बैठक कर तय किया जाएगा कि इससे होने वाली आय किस खाते में डाली जाए।
पैकेज के जरिए प्रोफेशनल ग्रुप को साधेंगे
कमिश्नर ने बताया कि पर्यटन को ध्यान में रखकर प्रोफेशनल ग्रुप को पैकेज दिया जाएगा। इस पैकेज में हाल में मीटिंग के अलावा क्रूज, सारनाथ, विश्वनाथ मंदिर, गंगा घाट, मानमंदिर घुमाने को भी शामिल किया जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार होंगे तो आने वाले लोगों को पैकेज के तहत सुविधा दी जाएगी।