अभिनेत्री कंगना रनौत के समर्थन में आए आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार, कहा- माफी मांगें संजय राउत
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बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के समर्थन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी उतर आया है। संघ के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि कंगना को अपशब्द कहने वाले राजनेता को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। नारी का अपमान देश नहीं सहेगा। हमारी संस्कृति में नारी का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है।
बुधवार को वाराणसी के पातालपुरी मठ में बातचीत के दौरान इंद्रेश कुमार ने कहा कि नारी को अपशब्द कहना अमानवीय है। नारी के साथ कभी अपशब्द या गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए। हमारे देश में अपशब्द हमेशा अमानवीय होता है। नारी जाति का सम्मान राजनेता का राजनीतिक कर्तव्य होता है। जिन्होंने कंगना का अपमान किया है उन्हें क्षमा याचना करना चाहिए।
संघ नेता इंद्रेश कुमार ने बॉर्डर पर जारी तनाव को लेकर चीन पर भी हमला बोला। कहा कि चीन विस्तारवाद की नीति पर चल रहा है। चीन ने बायोलॉजिकल वेपन का इस्तेमाल किया है। लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
दूसरा हमला चीन ने बाजार में घटिया उत्पाद उतारकर किया है। अब एलएसी पर अपनी चाल चल रहा है। लेकिन भारत लगातार चीन को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है और चीन इसे समझ चुका है। पूरे विश्व में वो अलग-थलग पड़ गया है।
पीठाधीश्वरों को मिले प्रोफेसर के बराबर वेतन
पातालपुरी मठ में श्री हनुमान चालीसा हवनात्मक यज्ञ के बहाने जुटे काशी के विद्वानों, धर्माचार्यों, पीठाधीश्वरों ने वैदिक शिक्षा और मठों के संरक्षण पर मंत्रणा की। इन्द्रेश कुमार ने पातालपुरी मठ में 108 बार हनुमान चालीसा का हवनात्मक यज्ञ किया।
काशी के धर्माचार्यों ने पहली बार कहा कि वैदिक अध्ययन कराने वाले मठों को चिन्हित कर उनको सरकारी संरक्षण दिया जाए। मठों को वैदिक शिक्षा के मामले में गुरूकुल का दर्जा देते हुए पीठाधीश्वरों को प्रोफेसर के बराबर वेतन दिया जाए।
काशी के प्रत्येक मठ में सैकड़ों वेदपाठी ब्राह्मण रहते हैं जिनका खर्च मठ ही उठाते हैं। वैदिक शिक्षा को हासिये पर डाल देने और सरकारी संरक्षण न मिलने की वजह से वैदिक शिक्षा में गिरावट आई है। अब काशी के धर्माचार्य इस्लामिक स्टडीज की तरह आईएएस में भी वैदिक स्टडीज को विषय बनाना चाहते हैं। इंद्रेश कुमार ने कहा कि जाति, धर्म, रंग, लिंग के भेद को खत्म करने में मठों की बड़ी भूमिका हो सकती है।