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Good News: वाराणसी में देश के पहले रोपवे ट्रांसपोर्ट के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर, जानें कब शुरू होगा काम

Mon, 02 Jan 2023 09:57 AM IST
उत्पल कांत शशांक मिश्र , अमर उजाला, वाराणसी
शशांक मिश्र , अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 02 Jan 2023 09:57 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास का एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। दुनिया भर से बनारस आने वाले सैलानियों को अब भीड़भाड़ वाले इलाके कैंट स्टेशन से गौदौलिया तक के सफर के लिए रोपवे की सुविधा मिलेगी।

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Rs 200 crore approved for Indias first ropeway transport in Varanasi know when work will start
वाराणसी में बनेंगे पांच रोपवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे को धरातल पर उतारने के लिए 200 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हो गया है। वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच सड़क किनारे से गुजर रही जनसुविधाओं की लाइन को शिफ्ट करने के लिए बजट की पहली किस्त जनवरी के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी।

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15 जनवरी के बाद जनसुविधाओं की लाइन को शिफ्ट करने के लिए तैयारी कराई जा रही है। रूट के लिए चिह्नित जमीनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जनवरी महीने में ही शुरू हो जाएगी। कैंट से गोदौलिया के बीच प्र्रस्तावित रोपवे के निर्माण के लिए शासन स्तर से ही कवायद शुरू कर दी गई है।
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प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण के लिए 173 करोड़ रुपये और जनसुविधाओं की लाइन को शिफ्ट करने के लिए 28 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन ने इस बजट प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पहली किस्त जारी करने की पहल भी कर दी है। बजट जारी होने के बाद कैंट से गोदौलिया के बीच सड़क के नीचे से गुजर रही पानी, बिजली सहित अन्य लाइन को शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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3.75 किमी लंबे रोप-वे निर्माण के लिए जमीन चिह्नित

ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वे में जलकल, स्मार्ट सिटी, गेल, जल निगम, बीएसएनएल और बिजली विभाग के निर्माण को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक 3.75 किमी लंबे रोप-वे निर्माण के लिए 1.59 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित है।

सरकारी जमीन पर 101 करोड़ और निजी पर 72 करोड़ रुपये खर्च

1.59 हेक्टेयर चिह्नित जमीन में निजी 0.96 हेक्टेयर और सरकारी 0.63 हेक्टेयर है। सर्किट रेट से तय मुआवजा के आधार पर निजी जमीन पर 72 करोड़ रुपये और सरकारी जमीन पर 101 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैंट, भारतमाता मंदिर, बेसेंट थियेसोफिकल सोसाइटी रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन और 30 टॉवर बनाए जाने हैं। भारत माता मंदिर परिसर में 3600, बीटीएस में 4000, कैंट स्टेशन और गोदौलिया चौराहे पर 3000 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहीत की जाएगी।

मार्च में रोपवे का काम शुरू हो जाएगा

मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि रोपवे परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए 173 करोड़ रुपये और जनसुविधाओं की लाइन शिफ्ट करने के लिए 28 करोड़ रुपये के बजट को शासन से मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह धनराशि जारी हो जाएगी। जनसुविधाओं की शिफ्टिंग और जमीन अधिग्रहण फरवरी तक करने का लक्ष्य है और मार्च में रोपवे का काम शुरू हो जाएगा। 

एक नजर में

  • रोपवे रूट की लंबाई -3.75 किलोमीटर
  • रोपवे परियोजना पर खर्च होनी धनराशि- 461 करोड़ रुपये
  • 30 टावर से गुजरेगा रोपवे, पांच स्टेशन भी बनाए जाएंगे
  • कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में होगा पहला और गोदौलिया चौराहे पर अंतिम स्टेशन


 

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