फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Sankat Mochan Sangeet Samaroh varanasi violin sisters Ronu performed the incarnation of Raga Saraswati on the flute

संकट मोचन संगीत समारोह: वायलिन सिस्टर्स ने हनुमत दरबार में की कर्नाटक शैली की मधुर प्रस्तुति

Mon, 25 Apr 2022 12:22 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 25 Apr 2022 12:22 PM IST
सार

संकटमोचन संगीत समारोह की चौथी निशा में चेन्नई से पधारी एम ललिता-एम नंदिनी ने वायलिन की जुगलबंदी प्रस्तुत की। दोनों वायलिन सिस्टर्स ने कर्नाटक शैली में कई बंदिशें बजाई।

विज्ञापन
Sankat Mochan Sangeet Samaroh varanasi violin sisters Ronu performed the incarnation of Raga Saraswati on the flute
वायलिन सिस्टर्स की प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संकटमोचन संगीत समारोह की चौथी निशा में सुधि श्रोताओं ने स्वरगंगा में रात भर गोते लगाए। शनिवार की शाम से शुरू हुआ सिलसिला रविवार की भोर तक अनवरत जारी रहा। मंदिर के मुक्ताकाशीय मंच पर एक तरफ कलाकार तो दूसरी ओर श्रोता अलसुबह तक जमे रहे।

विज्ञापन


रविवार की भोर में विराम प्रस्तुति में डॉ. ज्योत्सना लक्ष्मी वाराणसी ने कर्नाटक शैली की बंदिशों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संगत कलाकारों में मंगलपल्ली सुर्यदीक्षि ने वायलिन, आर अनंत कृष्णन ने मृदंगम, आर. गोपाल कृष्णन ने घट्म और जी. सत्यसाईं ने मोरसिंग पर साथ दिया।
विज्ञापन


इसके पूर्व चौथी प्रस्तुति में कोलकाता से पधारे किराना घराने के प्रतिष्ठित कलाकार उस्ताद मशकूर अली खां का गायन हुआ। मुंबई से पधारे पं. रोनू मजूमदार ने अपने पुत्र ऋषिकेश मजूमदार के साथ बांसुरी की मधुर तान छेड़ी। इसके पश्चात शुरू हुई कर्नाटक शैली की प्रस्तुति। पहली प्रस्तुति में चेन्नई से पधारी एम ललिता-एम नंदिनी ने वायलिन की जुगलबंदी प्रस्तुत की। दोनों वायलिन सिस्टर्स ने कर्नाटक शैली में कई बंदिशें बजाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


25 अप्रैल के कलाकार
रतिकांत महापात्र, संयुक्ता दास, डॉ. येल्ला वेंकटेश्वर राव, कविता कृष्णमूर्ति, डॉ. एल सुब्रमण्यम, एस आकाश, मधुप मुद्गल, मालिनी अवस्थी, हरीश तिवारी

रुद्रावतार के आंगन में रुद्रशंकर ने कथक से मोहा,

Sankat Mochan Sangeet Samaroh varanasi violin sisters Ronu performed the incarnation of Raga Saraswati on the flute
बनारस घराने के युवा कलाकार रुद्रशंकर - फोटो : अमर उजाला

संकटमोचन संगीत समारोह का मुक्ताकाशीय मंच रुद्रशंकर के कथक का साक्षी बना। रुद्रावतार के आंगन में रुद्रशंकर के मनोहारी कथक ने श्रोताओं को अपने सम्मोहन में बांध लिया। रविवार को 99वें संकटमोचन संगीत समारोह की पांचवीं निशा की प्रथम प्रस्तुति बनारस घराने के युवा कलाकार रुद्रशंकर के नाम रही। रुद्रशंकर ने 14 साल बाद जब हनुमत दरबार में हाजिरी लगाई तो कलासाधना का सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया।

रुद्रशंकर ने कथक की पहली प्रस्तुति श्रीराम वंदना कृपा करो श्री राम जन-जन के... जरिये हनुमान जी के आराध्य भगवान राम के श्रीचरणों को नमन किया। इसके बाद पारंपरिक कथक के बाद उठान, आमद, टुकड़े, तिहाइयों के बाद थाली पर नृत्य के बीच घोड़े की चाल का भी सुंदरतम प्रदर्शन किया।

उन्होंने बनारस घराने के प्रख्यात तबला वादक पद्मविभूषण पं. किशन महाराज और पं. शारदा सहाय द्वारा रची गई बंदिशों पर अद्भुत नृत्य किया। त्रिभंग ताल पर भजन श्री सीताराम सीताराम जय रघुनंदन जय सियाराम हे दुख भंजन जय सुखधाम... पर तो उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को आनंद से भर दिया। तबले पर उदय शंकर मिश्र और भोपाल से आए अंशुल प्रताप सिंह, संतोष मिश्र ने गायन और हारमोनियम और अनीश मिश्र ने सारंगी पर संगत की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed