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सड़क, सफाई, पानी कुछ भी बेहतर नहीं

Fri, 28 Apr 2017 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 28 Apr 2017 01:50 AM IST
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Road, cleanliness, water nothing better
गंदगी
वार्ड की सूरत बदल देंगे, सभी को साफ पानी मिलेगा, सड़कें शीशे की तरह चमकेंगी। हर दरवाजे पर झाड़ू लगेगा और कूड़ा उठेगा। पांच साल से इन वादों के हकीकत में बदलने का इंतजार करते बाशिंदों के लिए कुछ तस्वीरें बदलीं जरूर लेकिन आबादी और जरूरतों के सापेक्ष जो समस्याएं पहले थीं, कमोबेश वह अब भी बनी हुई हैं। कूड़े से पटे फुटपाथ और बजबजाती नालियों के साथ सड़कों-गलियों की खस्ताहाली का दर्द यहां के बाशिंदों को परेशान किए हुए है। उन्हें सीवर, सड़क, सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की बेहतरी का इंतजार है जबकि पार्षद का दावा है कि वार्ड के विकास के लिए जितना काम उन्होंने कराया, उतना आज तक कभी किसी ने नहीं कराया।  ‘वार्ड परिक्रमा’ में आज पढ़िए वार्ड नंबर 10-सुंदरपुर का सच।
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रिहायशी कॉलोनियों की बहुलता वाले सुंदरपुर वार्ड में सड़कें जगह-जगह टूट गई हैं। गलियों में जाने पर जगह-जगह चौके उखड़े नजर आते हैं। सड़क के फुटपाथ पर कूड़े और गंदगी का अंबार इतना कि आप खड़े नहीं हो सकते। गलियों में भी सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। स्थानीय बाशिंदों ने बताया कि सफाई के लिए वे कई बार आवाज उठा चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों ने कोई पहल नहीं की। छोटे घरों से लेकर बहुमंजिला भवनों वाले इस वार्ड में सबसे बड़ी जरूरत बुनियादी सुविधाओं में सुधार की है। नई सुविधाएं छोड़िए, पहले की सुविधाएं भी खस्ताहाल हैं। जलभराव और जगह-जगह कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं।

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नालियों पर कब्जे और उनके ध्वस्त होने से जलनिकासी व्यवस्था भी चरमराई हुई है। बारिश में जलभराव यहां के बाशिंदों के लिए किसी बड़ी आफत से कम नहीं। लोगों ने बताया कि कूड़ा और गंदगी के चलते सड़कों, गलियों में छुट्टा पशुओं का जमावड़ा होता है। इससे राह चलना मुश्किल हो जाता है। कई जगह गलियों के चौके उखाड़कर किनारे रख दिए गए हैं। इससे आवागमन में रोजाना दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि पार्षद से अधिकारियों तक शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सफाई कर्मी आते जरूर हैं लेकिन महज खानापूर्ति करके निकल जाते हैं। जो लोग पैसे देते हैं सिर्फ उनके घरों के सामने ही सफाई होती है। हैंडपंप खस्ताहाल हैं। शुद्ध पेयजल भी नसीब नहीं हो पाता।

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