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15 हजार की रिश्वत लेते कानूनगो गिरफ्तार, इस काम के लिए ले रहा था रुपए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 11 Jan 2018 02:05 PM IST
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आरोपी कानूनगो सत्य नारायण सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी की विजिलेंस टीम ने बुधवार को मिर्जापुर जिले अदलहाट थाना क्षेत्र के फत्तेपुर टोल प्लाजा के पास से चुनार तहसील में तैनात कानूनगो सत्य नारायण सिंह को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी कानूनगो को जेल भेज दिया।
उसने जाति प्रमाणपत्र की जांच कर रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत मांगे थे। बीडीसी सदस्य अमित कुमार निवासी चैनपुरवां हमीदपुर, जमालपुर के जाति प्रमाण पत्र की जांच कर रिपोर्ट लगाने के लिए कानूनगो सत्य नारायण सिंह ने अदलहाट थाना क्षेत्र के छोटा मिर्जापुर निवासी निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख संजय सोनकर से आठ जनवरी को 20 हजार रुपये की मांग की थी।
संजय सोनकर ने कानूनगो को पांच हजार रुपये दे दिए थे। बाकी पैसे रिपोर्ट लगाने के बाद देने के लिए कहा था। फिर भी कानूनगो ने रिपोर्ट नहीं लगाई थी। कानूनगो ने कहा कि पैसा देने के बाद ही रिपोर्ट लगाई जाएगी।
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इस पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी को पत्र दिया था। एसपी विजिलेंस शिवशंकर सिंह ने जांच निरीक्षक चंद्रमौली त्रिपाठी को दी। मामला सत्य पाने पर एसपी ने टीम बनाई।
डीएम विमल कुमार दुबे ने दो राजपत्रित अधिकारियों को गवाह के रूप में उपलब्ध कराया। बुधवार को टीम अदलहाट पहुंची। दो बजे विजिलेंस की टीम गवाहों व शिकायतकर्ता को लेकर फत्तेपुर टोल प्लाजा से पहले डा. संपूर्णानंद के मकान के सामने पहुंची। जैसे ही कानूनगो, संजय सोनकर से 15 हजार रुपये लेने लगा, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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उसने जाति प्रमाणपत्र की जांच कर रिपोर्ट लगाने के लिए रिश्वत मांगे थे। बीडीसी सदस्य अमित कुमार निवासी चैनपुरवां हमीदपुर, जमालपुर के जाति प्रमाण पत्र की जांच कर रिपोर्ट लगाने के लिए कानूनगो सत्य नारायण सिंह ने अदलहाट थाना क्षेत्र के छोटा मिर्जापुर निवासी निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख संजय सोनकर से आठ जनवरी को 20 हजार रुपये की मांग की थी।
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संजय सोनकर ने कानूनगो को पांच हजार रुपये दे दिए थे। बाकी पैसे रिपोर्ट लगाने के बाद देने के लिए कहा था। फिर भी कानूनगो ने रिपोर्ट नहीं लगाई थी। कानूनगो ने कहा कि पैसा देने के बाद ही रिपोर्ट लगाई जाएगी।
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इस पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी को पत्र दिया था। एसपी विजिलेंस शिवशंकर सिंह ने जांच निरीक्षक चंद्रमौली त्रिपाठी को दी। मामला सत्य पाने पर एसपी ने टीम बनाई।
डीएम विमल कुमार दुबे ने दो राजपत्रित अधिकारियों को गवाह के रूप में उपलब्ध कराया। बुधवार को टीम अदलहाट पहुंची। दो बजे विजिलेंस की टीम गवाहों व शिकायतकर्ता को लेकर फत्तेपुर टोल प्लाजा से पहले डा. संपूर्णानंद के मकान के सामने पहुंची। जैसे ही कानूनगो, संजय सोनकर से 15 हजार रुपये लेने लगा, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
ब्लॉक प्रमुख पद की लड़ाई में फंसा कानूनगो
प्रतीकात्मक तस्वीर
कानूनगो को टीम अदलहाट ले गई। वहां भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। कानूनगो 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाला है। उधर, कानूनगो सत्यनारायण पटेल का कहना है कि वह शिकायतकर्ता के पक्ष में रिपोर्ट नहीं लगा रहे थे।
इसी के चलते उन्हें फंसाया गया है। मार्च 2016 में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हुआ था। उसमें संजय सोनकर और अमित कुमार जमालपुर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़े थे। अमित कुमार दो वोट से हार गए, जबकि संजय सोनकर ब्लॉक प्रमुुख बन गए थे।
एक वर्ष बाद अमित, संजय सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया और संजय सोनकर प्रमुख पद से हटा दिए गए। वर्तमान समय में कोई ब्लॉक प्रमुख नहीं है।
इसी से खुन्नस खाए संजय ने अमित के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया था। जांच रिपोर्ट न देने पर उन्होंने कानूनगो के खिलाफ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी।
इसी के चलते उन्हें फंसाया गया है। मार्च 2016 में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हुआ था। उसमें संजय सोनकर और अमित कुमार जमालपुर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव लड़े थे। अमित कुमार दो वोट से हार गए, जबकि संजय सोनकर ब्लॉक प्रमुुख बन गए थे।
एक वर्ष बाद अमित, संजय सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया और संजय सोनकर प्रमुख पद से हटा दिए गए। वर्तमान समय में कोई ब्लॉक प्रमुख नहीं है।
इसी से खुन्नस खाए संजय ने अमित के अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र दिया था। जांच रिपोर्ट न देने पर उन्होंने कानूनगो के खिलाफ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी।