बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट ने की आत्महत्या, मां ने कहा-मेरा बेटा बुजदिल नहीं था, जो आत्महत्या करे
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जम्मू-कश्मीर के कराल कृष्णा बॉर्डर पोस्ट पर तैनात बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट विजय बहादुर यादव के आत्महत्या की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। विजय बहादुर जौनपुर जिले के मछलीशहर के गोहका गांव के निवासी थे। शव शुक्रवार की देर शाम तक घर पहुंचने की संभावना है। परिजन इसे परिजन इसे आत्महत्या नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि विजय बहादुर इतने कमजोर नहीं थे कि आत्महत्या कर सकें।
मां शांति देवी का कहना था कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो आत्महत्या करे। घरवाले इसे आत्महत्या मानने से इंकार करते रहे। घरवालों के मुताबिक विजय बहादुर ने मंगलवार को अपने बेटे विकास से बात की थी। बुधवार की दोपहर में पत्नी जड़ावती देवी से भी फोन पर हालचाल पूछा था। इस दौरान उन्होंने कोई परेशानी नहीं बताई। बातचीत से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी तनाव में हैं। अचानक ऐसा क्या हो गया कि उन्हें आत्महत्या करना पड़ गया।
गोहका गांव निवासी स्व.रामप्रसाद यादव के पुत्र विजय बहादुर यादव बीएसएफ की 90वीं बटालियन में असिस्टेंट कमांडेंट थे। फिलहाल उनकी तैनाती कराल कृष्णा बार्डर पोस्ट पर थी। गुरुवार की दोपहर बाद घर वालों को इसकी खबर मिली तो वह सन्न रह गए। परिवार में मां शांति देवी, पत्नी जड़ावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विजय बहादुर के तीन बच्चे विनोद, प्रियंका, विकास हैं। तीनों की उम्र समान है। विनोद ग्वालियर से बीटेक कर रहा है। दूसरा लड़का विकास इलाहाबाद में रहकर सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा है। बेटी प्रियंका घर पर रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
एक छोटा भाई हंसराज यादव मुंबई में रहता है। परिजनों ने बताया कि विजय हर वर्ष होली में घर अवश्य आते थे। इस वर्ष भी उन्होंने 29 फरवरी को घर आने के लिए टिकट कराया था। आत्महत्या की खबर मिलने के बाद से ही घर पर लोगों की भीड़ जुट गई थी। परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे थे।