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UP: भारत-जापान रिश्तों को नई उड़ान, 3000 साल प्राचीन भाषा पाली और बौद्ध दर्शन के साथ एआई पर रिसर्च

Sat, 04 Jul 2026 03:34 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Sat, 04 Jul 2026 03:34 PM IST
सार

Varanasi News: बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू में भी जापान के साथ कई संयुक्त शोध और प्रोजेक्ट बीते चार साल में तेजी से बढ़े हैं। 3000 साल प्राचीन भाषा पाली और बौद्ध दर्शन के साथ एआई पर रिसर्च के लिए सहमति बनी है। 

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Research on AI involving 3,000-year-old Pali language and Buddhist philosophy in varanasi
बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU - फोटो : X (@bhupro)

विस्तार

भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने एआई, धातु, ऊर्जा, रक्षा और आर्थिक सुरक्षा समेत छह समझौते किए हैं। दोनों देशों ने अपनी पहली रक्षा सह-विकास परियोजना के तहत नेवल रेडियो एंटीना के संयुक्त निर्माण की घोषणा की। इधर, बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू में भी जापान के साथ कई संयुक्त शोध और प्रोजेक्ट बीते चार साल में तेजी से बढ़े हैं। 

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तीन हजार साल प्राचीन भाषा पाली, गौतम बुद्ध का जीवन दर्शन, योग और संस्कृत के श्लोकों पर अध्ययन करने के लिए जापान के विद्यार्थी बीएचयू में आ रहे हैं। वहीं, कई ऐसे वैज्ञानिक हैं जो जापान में जापान में सेमीकंडक्टर, एआई, इलेक्ट्रो मशीन पर रिसर्च कर आईआईटी बीएचयू में अध्यापन करा रहे हैं। कई वैज्ञानिक भी जापान के साथ साझा रिसर्च कर रहे हैं। 

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जापान में चार साल इलेक्ट्रो मशीनों पर किया रिसर्च 
आईआईटी बीएचयू में सिरामिक इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. आशुतोष दुबे ने जापान में चार साल तक बायो इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो पोरस, नैनो मैटेरियल सहित थेरो इलेक्ट्रिकल मशीन पर जापान के साथ मिलकर काम किया। वहीं, वर्तमान में सिरामिक विभाग के इनके लैब में जापान के नागोया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से आई एक शोध छात्रा काम कर रही है।

जापान के इन विश्वविद्यालयों के साथ बीएचयू और आईआईटी का एमओयू 
जापान के क्योटो विश्वविद्यालय, टोक्यो यूनिवर्सिटी, तोया विवि, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैटेरियल साइंस, निगाटा यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कम्युनिकेशन, नागोया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू के रिसर्च और एमओयू चल रहे हैं। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस, स्टूडेंट-प्रोफेसर एक्सचेंज प्रोग्राम और हाईटेक वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स चलाए जा रहे हैं। 

केमिकल और मैटेरियल साइंस पर शोध 
आईआईटी बीएचयू और जापान के संस्थानों के बीच मैटेरियल्स साइंस, सेमीकंडक्टर तकनीक, भौतिकी, सिरेमिक इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और एडवांस्ड मैनुफैक्चरिंग क्षेत्रों में काम हो रहा है। पिछले साल सात अगस्त को जापान के सकुरा साइंस प्रोग्राम के प्रतिनिधियों ने संस्थान का दौरा कर संयुक्त रिसर्च को आगे बढ़ाने का समझौता किया था। 

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बीएचयू के सात पीएचडी छात्र जापान जाएंगे 
भारत-जापान के वैज्ञानिक सहयोग का बड़ा उदाहरण लोटस इंडिया-जापान सर्कुलेशन ऑफ टैलेंटेड यंग रिसर्चर्स इन साइंस कार्यक्रम है। इसमें आईआईटी बीएचयू के सात पीएचडी छात्रों का चयन हुआ था। उन्हें जापान के विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं में रिसर्च करने का अवसर मिला है। 
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