फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Research in BHU: Amritadi powder is more effective in the treatment of chronic arthritis, Allopathy will provi

बीएचयू में शोध: पुरानी गठिया के इलाज में अमृतादि चूर्ण ज्यादा कारगर, एलोपैथ से मिलेगा तत्काल आराम मगर...

Fri, 22 Sep 2023 10:47 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 22 Sep 2023 10:47 PM IST
सार

गठिया के इलाज में एलोपैथी दवाओं से ज्यादा कारगर अमृतादि चूर्ण है। बीएचयू आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग की ओर से किए गए एक शोध में यह परिणाम सामने आए हैं। 

विज्ञापन
Research in BHU: Amritadi powder is more effective in the treatment of chronic arthritis, Allopathy will provi
घुटने का दर्द

विस्तार

गठिया के इलाज में एलोपैथी दवाओं से ज्यादा कारगर अमृतादि चूर्ण है। बीएचयू आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग की ओर से किए गए एक शोध में यह परिणाम सामने आए हैं। शोध कार्य का प्रकाशन एनल्स आफ आयुर्वैदिक मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। प्रो.राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जो पुराने गठिया के मरीज हैं उनको बीमारी से निवारण के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के उसके लक्षणों को नियंत्रित करने में आयुर्वेदिक औषधि अमृतादि चूर्ण अत्यंत लाभकारी है।

विज्ञापन


काय चिकित्सा विभाग में प्रो. राजेंद्र प्रसाद, प्रो. ज्योति शंकर त्रिपाठी की अगुवाई में शोधार्थी डॉ. खुशबू अग्रवाल ने यह शोध किया। इसके तहत गठिया के 60 मरीजों को शामिल किया गया। मरीजों को 20-20 की संख्या के तीन समूह बनाए गए। पहले समूह के मरीजों को केवल गिलोय, गोक्षुर, सोंठ, गोरखमुंडी और वरुण से बना अमृतादि चूर्ण दिया गया।
विज्ञापन


दूसरे समूह के मरीजों को अमृतादि चूर्ण के साथ-साथ अन्य दवाइयां भी दी गईं। तीसरे समूह के मरीजों को एक एलोपैथिक दवा दी गई। मरीजों का तीन महीने तक इलाज किया गया। इसके बाद जो लक्षण आए, उनका अध्ययन किया। यह निष्कर्ष निकला कि अमृतादि चूर्ण लेने वाले पहले समूह के मरीजों को बीमारी ठीक करने में सबसे ज्यादा लाभ मिला। तीसरे समूह को केवल एलोपैथिक दवा दी गई थी उनको तात्कालिक रूप से दर्द में ज्यादा आराम हुआ, लेकिन आगे चलकर अन्य कई समस्याएं दवाएं खाने से होने लगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रो. राजेंद्र प्रसाद के अनुसार विभाग में जो शोध हुआ है, उसमें यह बताया गया है कि एलोपैथिक दवाएं जल्द लाभ तो पहुंचाती हैं लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाता है। लंबे समय तक ये दवाएं लेने से लिवर, गुर्दे, आंत आदि को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed