वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: मुआयना करने पहुंचे मंत्री रवींद्र जायसवाल, हादसे की बताई वजह
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ढलाई के दौरान निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की शटरिंग गिरने से हुए हादसे की जगह पर राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल पहुंचे। हादसा स्थल पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने जा रहे शिवसैनिकों से पुलिस ने पुतला छीन लिया। इसके बाद शिवसैनिकों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि ढलाई के लिए पहले फ्रेम बनाया जाता है, फिर उस पर प्लाई लगाई जाती है, फिर छड़ और फिर ढलाई की जाती है। ढलाई के समय यह फ्रेम नीचे गिरा है, जिससे एक व्यक्ति घायल हुआ है। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि हमने सेतू निगम के महाप्रबंधक से बात की है। जो फ्रेम ढलाई के लिए लगाया जाता है। उसके ढीला होने की वजह से यह हादसा हुआ है।
जांच के लिए कमटे गठित की गई है। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने पुल का निर्माण रोड पर आवागमन बंद करवाकर किया जाना चाहिए के सवाल पर कहा कि हम रास्ता बंद करवाकर काम नहीं करवा सकते। रास्ता बंद होने से लॉज, होटल वालों के सामने आजीवीका का संकट आ जाएगा। इसलिए हम आवागामान चालू रखकर काम करवा रहे हैं। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, एडीएम सिटी के विनय कुमार सिंह के साथ घटनास्थन पर पहुंचे थे।
दरअसल, शुक्रवार को ढलाई के दौरान निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की शटरिंग गिरने से एयरफोर्स के जवान समेत तीन लोग घायल हो गए थे। शुक्रवार शाम पौने चार बजे कैंट तिराहे (श्रीकृष्ण धर्मशाला के सामने) पर हुए हादसे के बाद वहां अफरातफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। घायल जवान कुलदीप राय (निवासी जमानिया, गाजीपुर) को कबीरचौरा अस्पताल और फिर बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। कुलदीप का पैर टूट गया है। बाकी दोनों घायल सारनाथ के मनोज और भदोही के समरजीत उपचार करवाकर घर चले गए। घटना से कुछ देर पहले ही गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत इसी रास्ते से गुजरे थे।
परियोजना प्रबंधक एके सिंह के मुताबिक बोल्ट टूटने के चलते शटरिंग पर कंक्रीट का लोड बढ़ा और वह भरभराकर गिर पड़ा। ट्रैफिक न रोकने के संबंध में बताया कि मुख्य चौराहे पर ट्रैफिक रोकना संभव नहीं था, वैसे जहां काम होता है, वहां ट्रैफिक रोक दिया जाता है। सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक एके श्रीवास्तव ने बताया कि घायल का इलाज सेतु निगम करवाएगा।
निगम के एमडी पीके कटियार ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है, जिससे 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। टीम में गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक दीपक गोविल और प्रयागराज के मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके सिंह हैं। इनके अलावा कमिश्नर और डीएम ने भी अलग दो-दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। हादसे के बाद एडीएम सिटी विनय कुमार पांडेय घटनास्थल पर पहुंचे और मुआयना किया। भाजपा कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने मौके से ही मुख्यमंत्री कार्यालय को हादसे की जानकारी दी। विधायक ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को दंडित करने की मांग की है।