कालीन नगरी से रहा है सुषमा स्वराज का नाता, पूर्वमंत्री ने साझा की उनसे जुड़ी यादें
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पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का कालीन नगरी यानी कि भदोही जिले से भी जुड़ाव रहा है। वह भदोही जिले में दो बार (2002 और 2004) आ चुकी हैं। 2004 में पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र के घर भी आई थीं। रंगनाथ मिश्रा ने बुधवार को जोरईं स्थित बसपा कार्यालय पर पत्रकार वार्ता कर पूर्व विदेश मंत्री से जुड़ी यादें साझा की।
रंगनाथ मिश्रा ने कहा कि सुषमा स्वराज का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। दिल्ली की मुख्यमंत्री से लेकर विदेश मंत्री रहते हुए, उन्होंने देश के लिए काफी काम किया। विश्व पटल पर देश का नेतृत्व एक शेरनी की तरह किया। वह मुझे भाई की तरह मानती थीं।
2002 के चुनाव में आग्रह करने पर वह प्रचार करने के लिए आईं और 2004 में मिर्जापुर जाते समय सहसेपुर आवास पर करीब एक घंटे तक रुकीं। वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर थीं। पूर्व मंत्री ने बताया कि भाजपा में ना होने के बाद भी मैंने भदोही के एक कालीन निर्यातक के दिल्ली स्थित मकान से कब्जा हटवाने का आग्रह किया और दो घंटे में कब्जा हट गया।
वह छोटे से लेकर बड़े कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से जुड़ी थीं। 67 साल की उम्र में उनका जाना काफी दुखद है। इस दौरान श्रद्धांजलि देकर नमन किया गया। मौके पर भरतराज सिंह, दिनेश तिवारी, बाला चौरसिया, धीरज मिश्रा, डबलू, सुभाष मालवीय आदि मौजूद रहे।