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रामनगर की रामलीला: रावण के युद्धभूमि में आते ही राम की सेना में मचा हाहाकार, वानर-भालू हो उठे व्याकुल
Wed, 01 Oct 2025 07:29 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Wed, 01 Oct 2025 07:29 PM IST
सार
रामनगर की रामलीला में दोनों सेनाओं के साथ राम और रावण के बीच युद्ध की लीला हुई। इस दौरान रावण के युद्धभूमि में आते ही राम की सेना में हाहाकार मच गया।
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रामनगर की रामलीला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
युद्ध में अपना सब कुछ गंवाने के बाद रावण के पास कोई विकल्प नहीं बचा। सो उसे युद्ध के मैदान में आना पड़ा। रावण था तो प्रचंड योद्धा। आते ही उसने श्रीराम की सेना को विचलित कर दिया।
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रामनगर की रामलीला के 25वें दिन मंगलवार को रावण स्वयं युद्ध के लिए आता है। अपनी सेना से कहता है कि लड़ाई से जिसका मन हट गया हो वह अभी से भाग जाए। लड़ाई के मैदान से भागने में भलाई नहीं है। मैंने अपनी भुजाओं के बल पर बैर को बढ़ाया है। इसका जवाब भी मैं स्वयं दूंगा। दोनों सेनाओं के साथ ही राम और रावण के बीच युद्ध होता है। रावण की मार से वानर-भालू व्याकुल हो उठे।
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केंद्रीय कारागार में वानर सेना ने समुद्र पर किया सेतु निर्माण
केंद्रीय कारागार में रामलीला के नौवें दिन समुद्र पर सेतु निर्माण, रावण अंगद संवाद, लक्ष्मण और मेघनाद युद्ध का मंचन किया गया। लंका पर चढ़ाई करने के लिए भगवान राम समुद्र से मार्ग देने के लिए विनय करते हैं। अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजा जाता है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र, अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव, चिकित्साधिकारी अभिषेक सिंह, जेलर अखिलेश कुमार, अखिलेश कुमार मिश्र, अशोक राय आदि रहे।
आज की रामलीला
रामनगर : रावण युद्ध और रणभूमि अवलोकन
कोरौत बाजार : लंका दहन, अंगद-रावण संवाद
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लोहता : सुलोचना सती, अहिरावण वध
मौनी बाबा रामलीला : श्री रामेश्वर पूजन
खोजवां : रामविलाप, नारद मुनि स्तुति
काशीपुरा : रामेश्वर पूजन
लक्ष्मीसेनपुर : अंगद रावण संवाद
रोहनिया : कुंभकरण व मेघनाथ वध
जयरामपुर : कुंभकरण व मेघनाथ वध
चेतगंज : राज्याभिषेक की तैयारी
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