रामलला की प्राण प्रतिष्ठा: धाम से लेकर चौराहों तक गूंजेंगी मानस की चौपाइयां, रामायण का होगा लाइव प्रसारण
काशी विश्वनाथ धाम के बाद 22 जनवरी तक पूरे शहर में रामचरित मानस की चौपाइयां गूंजेंगी। इसमें रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण के दोहे और भजनों के जरिये भी पूरे माहौल को राममय किया जाएगा।
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शिव की नगरी काशी राममय होने लगी है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पूरे शहर में रामधुन सुनाई देगी। काशी विश्वनाथ धाम के बाद 22 जनवरी तक पूरे शहर में रामचरित मानस की चौपाइयां गूंजेंगी। इसमें रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण के दोहे और भजनों के जरिये भी पूरे माहौल को राममय किया जाएगा। इसके अलावा पार्क, मंदिर, मठों आदि में भी प्रशासन की ओर से तैयार सीडी और पैन ड्राइव का वितरण किया जाएगा।
दरअसल, प्रशासन ने काशी में भगवान राम की नगरी अयोध्या की आस्था के अनुरूप तैयार करने के लिए माहौल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें रामचरित मानस, रामायण और जनता में लोकप्रिय रहे धारावाहिकों के गीतों की शृंखला तैयार कर भगवान राम की पूजा के लिए विशेष गीतमाला तैयार की गई है। काशी विश्वनाथ धाम में इस रामधुन का प्रसारण शुरू होने के बाद अब इसका विस्तार किया जाएगा। पांच जनवरी तक पूरे शहर के सभी चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये इसका प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा जिले भर के सभी मंदिर, मठ और हिंदू आस्था से जुड़े स्थानों पर इस विशेष ऑडियो का वितरण किया जाएगा। मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि स्मार्ट सिटी से वार्ता कर चौराहों पर मानस की चौपाइयों और दोहे का प्रसारण किया जाएगा। 22 जनवरी तक विशेष आयोजन की शृंखला जारी रहेगी।
घाटों पर रामायण का होगा सजीव प्रसारण
काशी के गंगा घाटों पर रामायण धारावाहिक का सजीव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए वहां लगी एलईडी के जरिये सुबह और शाम में समय निर्धारित कर इसका प्रसारण किया जाएगा। इसके साथ ही घाटों पर दिन के समय रामधुन की बजाई जाएगी। 22 जनवरी को घाटों पर राम आराधना के विशेष आयोजन भी कराए जाएंगे।
धाम में होगा सामूहिक सुंदरकांड का पाठ
22 जनवरी को शहर में रामकथा सहित अन्य आयोजन कराए जाने की तैयारी है। काशी विश्वनाथ धाम में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान विशेष अनुष्ठान के साथ ही सामूहिक सुंदरकांड का पाठ होगा। इसमें पांच हजार से ज्यादा लोग एक साथ सुंदरकांड का पाठ धाम में करेंगे।