टूट गई शास्त्रीय संगीत जगत के राम-लक्ष्मण की जोड़ी, बचपन से एक साथ मंच साझा किया था दोनों भाइयों ने
अब कैसे हम मंच पर सजाएंगे रागों की बंदिश, छोटे भाई पद्मभूषण पं. साजन मिश्र और परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
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शास्त्रीय संगीत जगत के राम-लक्ष्मण की जोड़ी टूट गई। अब कैसे हम मंच पर रागों की बंदिश सजाएंगे। हमारे सिर से एक अभिभावक का साया चला गया। अमर उजाला से फोन पर बातचीत करते हुए पद्मभूषण पं. साजन मिश्र का गला रुंध गया। उनके आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
रविवार को बड़े भाई पद्मभूषण पं. राजन मिश्र के निधन की खबर ने उनके छोटे भाई को स्तब्ध कर दिया। बचपन से एक साथ मंच साझा करने वाले बड़े भाई के निधन की खबर ने उनको झकझोर कर रख दिया। उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि टेलीफोन पर वह बोलते-बोलते रो पड़े, भैया ऐसे छोड़के चल गईन...। उन्होंने अपने परिचित को फोन थमा दिया। भांजे अमित मिश्र ने बताया कि मामाजी के मुंह से तो आवाज ही नहीं निकल रही थी। उन्होंने फोन पर बस दो शब्द में कहा कि बड़का भईया चल गईलन।
बहन और भांजे का रो-रोकर हाल बेहाल, कबीरचौरा स्थित आवास पर पसरा मातम
पद्मभूषण पं. राजन मिश्र के निधन की खबर मिलते ही उनके वाराणसी स्थित आवास पर रो-रोकर परिजनों का हाल बेहाल हो गया। बड़ी बहन इंदुमति मिश्रा को तो एकबारगी इस खबर पर विश्वास ही नहीं हो रहा था। वह कुछ देर तक सदमे में आ गईं। रविवार की शाम को जैसे ही पं. राजन मिश्र के निधन की खबर बनारस पहुंची हर आंख नम हो उठी।
बड़ी बहन इंदुमति मिश्रा को निधन के समाचार से बाहर आने में वक्त लग गया। अचेत अवस्था से जैसे ही वह बाहर आई तो उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। पं. मिश्र के भांजे राजेश मिश्र का भी हाल खराब था। वहां मौजूद रिश्तेदारों ने उनको किसी तरह से संभाला। भांजे अमित मिश्रा ने बताया कि इस मनहूस खबर से बनारस के संगीत घराने में शोक की लहर है। पूरे कबीरचौरा क्षेत्र में मातम पसर गया। आवास पर देर रात तक रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।