राज्यसभा चुनाव: प्रकाश बजाज ने चुनाव आयोग से की शिकायत, इंसाफ नहीं मिला तो जाएंगे कोर्ट
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राज्यसभा चुनाव में पर्चा खारिज होने के बाद सपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। अमर उजाला से हुई बातचीत में प्रकाश बजाज ने कहा कि चुनाव से पहले मेरी शिकायत पर आयोग जांच करेगा। ऐसा आयोग के अधिकारियों ने कहा है। मुझे उम्मीद है आयोग न्याय करेगा। यदि न्याय नहीं मिला तो कोर्ट जाऊंगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से बचने के लिए सर्व सहमति से यह षडयंत्र रचा गया। सही नामांकन पत्र गायब करवा दिया गया। दो सेट में नामांकन पत्र भरा था। एक में नवाब जान और दूसरे में नवाब शाह लिखा था।
उन्होंने कहा कि मेरे सही नामांकन पत्र को गायब कर गलत पर्चे के आधार पर पर्चा खारिज कर दिया। संविधान को ताक पर रखकर लोकतंत्र की हत्या की गई है। इस मामले में मैं चुप बैठने वाला नहीं हूं। पर्चा दाखिल करने के दौरान मेरे पास जस्टिफिकेशन ऑफ डॉक्यूमेंट और एविडेंस मौजूद है। जिनके आधार पर आयोग में शिकायत की है।
मुंबई के कॉरपोरेट अधिवक्ता के पिता प्रदीप बजाज 1977 में जनता पार्टी से देवरिया के विधायक रहे थे। भाजपा ने 9वां प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था। ऐसे में प्रकाश बजाज ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल करने के चलते बसपा के उच्च सदन पहुंचने की राह एक तरफ मुश्किल की थी। पर्चा खारिज होने से निर्विरोध निर्वाचन तय है।
पर्चा खारिज होने का कारण
निर्दलीय मैदान में उतरे सपा समर्थित प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज होने के पीछे कारण बताया गया कि प्रस्तावक में सपा विधायक नवाब जान के स्थान पर नवाब शाह लिख दिया गया था। इस नाम का कोई विधायक सदन की सूची में न होने के कारण प्रकाश बजाज के प्रस्तावकों के नाम गलत पाए गए। ऐसी स्थिति में पर्चा खारिज कर दिया गया। अब भाजपा के 8, सपा के रामगोपाल और बसपा के रामजी गौतम का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।