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राजघाट भगदड़: हादसे के नौ महीने बाद हुई पहली गिरफ्तारी, 25 लोगों की हुई थी मौत
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:46 AM IST
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राजघाट पुल पर गत वर्ष 15 अक्टूबर को हुआ था हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जय गुरुदेव के अनुयायी पंकज बाबा की ओर से आयोजित शोभा यात्रा के दौरान 15 अक्तूबर 2016 को राजघाट पुल पर मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने मंगलवार को पहली गिरफ्तारी की।
मुकदमे में वांछित दो आयोजकों बेचू प्रसाद गुप्ता निवासी वाराणसी और यशवंत चौरसिया निवासी चंदौली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना में पांच नामजद समेत कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के नौ महीने बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की यह पहली कार्रवाई है। इस मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी जल्द आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इसके बाद घटना के जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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पुल टूटने की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 25 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद तत्कालीन डीएम विजय किरण आनंद और एसएसपी आक ाश कुलहरि का तबादला कर दिया गया था।
कुछ अधिकारियों पर निलंबन की भी गाज गिरी थी। मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना सीओ कोतवाली कर रहे हैं। तत्कालीन सपा सरकार ने घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राजमणि चौहान की अध्यक्षता में एकल न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था।
आयोग ने जांच के दौरान तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कई लोगों के बयान लिए थे। आयोग अगले महीने रिपोर्ट देगा।
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मुकदमे में वांछित दो आयोजकों बेचू प्रसाद गुप्ता निवासी वाराणसी और यशवंत चौरसिया निवासी चंदौली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना में पांच नामजद समेत कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
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घटना के नौ महीने बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की यह पहली कार्रवाई है। इस मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट भी जल्द आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इसके बाद घटना के जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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पुल टूटने की अफवाह के बाद मची भगदड़ में 25 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सौ से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद तत्कालीन डीएम विजय किरण आनंद और एसएसपी आक ाश कुलहरि का तबादला कर दिया गया था।
कुछ अधिकारियों पर निलंबन की भी गाज गिरी थी। मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना सीओ कोतवाली कर रहे हैं। तत्कालीन सपा सरकार ने घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति राजमणि चौहान की अध्यक्षता में एकल न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था।
आयोग ने जांच के दौरान तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों समेत कई लोगों के बयान लिए थे। आयोग अगले महीने रिपोर्ट देगा।