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सारा अली खान विवाद: 'भक्ति का सबको अधिकार; खतरे में कौन, सारा या बाबा विश्वनाथ'

Tue, 17 Mar 2020 04:30 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 17 Mar 2020 04:30 PM IST
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Rajeshwar Acharya on sara ali khan controversy over worship Touch vision in Kashi Vishwanath Temple
सारा अली खान ने मां अमृता सिंह के साथ की पूजा। - फोटो : अमर उजाला।

सारा अली खान के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के विवाद पर पद्मश्री डॉ. राजेश्वर आचार्य ने कहा कि खतरे में कौन है, सारा अली या बाबा विश्वनाथ। शिव की भक्ति और पूजा का अधिकार सभी को है। औरंगजेब भी आया था, लेकिन मूर्ति में निहित शिव को नहीं तोड़ सका था। सारा ईश्वर की भक्ति के लिए आईं हैं तो इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उस पर किसी भी तरह बुते ए काफिर का आरोप नहीं लगना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि सर्वधर्म समभाव की दृष्टि से इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उसने तो भगवान की उपासना ही की है, तो इस पर मतभेद है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। शिव सभी का कल्याण करते हैं। सभी इसको सकारात्मक लें तो अच्छा है। नकारात्मक रूप में लेने से नकारात्मकता ही आएगी। अन्य धर्म का व्यक्ति हमारे धर्म में उपासना करता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। 
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कें द्रीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा का कहना है कि काशी गंगा जमुनी तहजीब की नगरी है और यहां गंगा से वजू करके ही नमाज भी पढ़ी जाती है। ईश्वर एक है की संकल्पना के साथ अगर कोई पूजा-पाठ करता है तो इससे किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान का मंत्र दिया था। हिंदू-मुसलमान के नाम पर देश को बांटने का काम करने वालों के  मंसूबे पर यह पानी फेरने वाली बात है। हिंदू धर्म में तो सभी धर्मों का स्वागत है और यह देश के लिए भी शुभ संकेत हैं।

दरअसल, सारा अली खान ने रविवार को बिना किसी पूर्व सूचना के काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार विधि से पूजन किया था। मंदिर प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। काशी विकास समिति के महासचिव चंद्रशेखर कपूर का कहना है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अनार्यों और गैर सनातधर्मियों का प्रवेश पर पूरी तरह से रोक है।

बावजूद इसके सारा अली खान ने रविवार को बाबा विश्वनाथ का स्पर्श दर्शन और पूजन किया। गैर सनातनधर्मियों के लिए मंदिर में केवल शिखर दर्शन की व्यवस्था है। मंदिर प्रशासन को इस मामले की जांच करानी चाहिए कि किसने सारा अली खान और उनकी मां अमृता सिंह को दर्शन-पूजन कराया। 

काशी विद्वत परिषद के डॉ. रामनारायण द्विवेदी का कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों ने अगर स्पर्श दर्शन कराया है तो यह गलत है। इसको मंदिर प्रशासन को संज्ञान में लेना चाहिए। 

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